भद्रावती स्टेशन पर वंदे भारत की चपेट में आकर 66 साल की बुजुर्ग महिला की मौत
भद्रावती रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस की टक्कर से जैन समाज की 66 वर्षीय सोहनीदेवी श्रीश्रीमाल की मौत हो गई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
भद्रावती रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। वंदे भारत एक्सप्रेस की जोरदार टक्कर लगने से जैन समाज की 66 साल की बुजुर्ग महिला सोहनीदेवी श्रीश्रीमाल की मौत हो गई। इस हादसे से जैन समाज में मातम पसर गया है। साथ ही स्टेशन पर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी का सवाल एक बार फिर उठा है।
मिली जानकारी के मुताबिक सोहनीदेवी अहमदाबाद की रहने वाली थीं। वे हैदराबाद-हजरत निजामुद्दीन दक्षिण एक्सप्रेस से सुबह 6.30 बजे भद्रावती स्टेशन पर उतरी थीं। वे यहां के मशहूर श्री केशरीया पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन करने आई थीं। उम्र की वजह से उनके लिए स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज चढ़ना-उतरना मुश्किल था, इसलिए वे प्लेटफॉर्म नंबर दो से सड़क की तरफ जा रही थीं। उसी वक्त बिना रुके गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की खबर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी गई। इसके बाद रेलवे पुलिस ने एम्बुलेंस बुलाकर शव को मौके से हटवाया, ऐसी जानकारी मिली है। भद्रावती पुलिस को इसकी खबर दी गई थी या नहीं, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ साफ नहीं हो सका है। रेलवे प्रशासन की तरफ से भी हादसे की विस्तृत जानकारी अभी नहीं मिली है।
यात्रियों की शिकायत है कि भद्रावती स्टेशन पर बुजुर्ग, दिव्यांग और नेत्रहीन यात्रियों के लिए एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर या स्टेशन के बाहर आसानी से जाने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। फुट ओवर ब्रिज की सीढ़ियां बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए तकलीफदेह हैं। इसलिए स्टेशन पर लिफ्ट या कोई और आसान वैकल्पिक इंतजाम करने की जरूरत जताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि अगर स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के जरूरी उपाय और आसान आवाजाही का इंतजाम होता, तो ऐसे हादसों का खतरा कम किया जा सकता था। हालांकि हादसे की सही वजह क्या है और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है, यह आधिकारिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
इस दुखद घटना के बाद स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं और आपातकालीन मदद के इंतजाम पर सवाल उठ रहे हैं। मांग की जा रही है कि रेलवे प्रशासन घटना की गहराई से जांच करे और जरूरी जानकारी सबके सामने रखे। साथ ही स्टेशन पर लिफ्ट, सुरक्षित रास्ता और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जाएं।
सोहनीदेवी के अचानक निधन से जैन समाज में शोक है। जानकारी के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार दोपहर चार बजे जैन मंदिर श्मशान भूमि में किया गया। इस हादसे ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और खासकर बुजुर्ग व दिव्यांग लोगों की सहूलियत का सवाल एक बार फिर गंभीरता से सामने ला दिया है।