सूखा प्रभावित तालुकों के छात्रों से परीक्षा फीस ली तो कॉलेज पर होगी कार्रवाई
मराठवाड़ा के सूखे को देखते हुए उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने विद्यार्थियों से परीक्षा फीस न लेने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के 34 जिलों के 265 तालुकों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। इसी को देखते हुए उच्च शिक्षा संचालनालय ने एक परिपत्र जारी किया है। इसमें इन इलाकों के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए उनकी परीक्षा फीस माफ करने की बात कही गई है।
उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने साफ निर्देश दिए हैं कि मराठवाड़ा के सूखे के हालात को देखते हुए विद्यार्थियों से परीक्षा फीस न ली जाए। मकसद यही है कि पढ़ाई करने वाले बच्चों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।
पाटील ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपना रुख पहले ही साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों से परीक्षा फीस नहीं ली जानी चाहिए। इसलिए जो भी कॉलेज विद्यार्थियों से परीक्षा फीस वसूल करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के मुताबिक मराठवाड़ा में सूखे की वजह से किसान और आम परिवार पहले से ही आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों पर परीक्षा फीस का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए सरकार के निर्देशों पर सख्ती से अमल किया जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा गया है कि वह इस बात का ध्यान रखे कि सरकार के निर्देशों के मुताबिक किसी भी विद्यार्थी से परीक्षा फीस न ली जाए। साथ ही जो कॉलेज सरकार की सूचनाओं का उल्लंघन करके विद्यार्थियों से फीस वसूलते हैं, उनका संज्ञान लिया जाए और नियमों के अनुसार उन पर कार्रवाई की जाए।
ये सूचनाएं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विद्यापीठ के संबंधित अधिकारियों को दी गई हैं। यानी जिन तालुकों में सूखे की स्थिति घोषित हुई है, वहां के विद्यार्थियों को परीक्षा फीस नहीं भरनी होगी और अगर कोई कॉलेज फीस मांगता है तो उस पर सीधे कार्रवाई होगी।
पाटील ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक हित और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर उन्हें राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार इसी सोच के साथ सूखा प्रभावित इलाकों के विद्यार्थियों को दिलासा देने की कोशिश कर रही है।
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