नवरात्रि में उत्तर मुंबई पहुंचे पीयूष गोयल, अंबे माता चौक का उद्घाटन, कौशल केंद्र खोलने की बात
केंद्रीय मंत्री और उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने बोरिवली, कांदिवली और मालाड के नवरात्रि उत्सवों में हिस्सा लिया और युवाओं से बात की।
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री तथा उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने 16 अक्टूबर, शुक्रवार को बोरिवली, कांदिवली और मालाड के नवरात्रि उत्सवों में हिस्सा लिया। वहां भक्तों और युवाओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति पर गर्व करने वाले और साथ ही तरक्की के सपने देखने वाले नौजवान ही आज के भारत की असली पहचान हैं।
गोयल ने कहा, "यही असली भारत है और यही देश की असली युवा पीढ़ी और जेन-झी है। इन युवाओं को अपनी संस्कृति पर गर्व है।" उनके मुताबिक ये नौजवान अपनी जड़ों से जुड़े हैं और देश को आगे ले जाने का उनका संकल्प है।
उन्होंने कहा, "यही पीढ़ी हमारी आर्थिक तरक्की को रफ्तार देगी, नए-नए शोध करेगी और रोजगार के नए मौके बनाएगी। अपने युवाओं को इतने जोश से परंपराएं मनाते देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मुझे भरोसा है कि यही नौजवान पीढ़ी भारत को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगी और विकसित भारत का सपना पूरा करेगी।"
गोयल ने यह भी कहा कि कुछ लोग संकीर्ण और पार्टी वाला एजेंडा लेकर खुद को युवाओं का प्रतिनिधि बताने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को देखकर पूरी युवा पीढ़ी की सकारात्मक सोच और आकांक्षाओं को नहीं परखना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि देश के नौजवान सकारात्मक ऊर्जा से भरे हैं। उन्होंने कहा, "दिल्ली के कुछ लोग खुद को युवा शक्ति मानते हैं, पर असली युवा शक्ति आज मेरे सामने है। माता दुर्गा आप सबको और आपके परिवारों को आशीर्वाद दें। भारत महाशक्ति बन सके, इसके लिए आप सब पूरे समर्पण से काम करें। हम सब मिलकर भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।"
गोयल के अनुसार सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक महत्त्वाकांक्षा साथ-साथ चल सकती हैं। उनका कहना था कि जो पीढ़ी अपनी सभ्यता की विरासत से आत्मविश्वास लेती है और नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक नेतृत्व को अपनाती है, वही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सफर को ताकत देगी।
उत्तर मुंबई के नवरात्रि उत्सवों में भक्तों और युवाओं ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया। पारंपरिक उत्सवों ने लोगों को एक साथ आने और देश की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने का मौका दिया।
नवरात्रि उत्सवों में शामिल होने के साथ गोयल ने बोरिवली पूर्व में अंबे माता चौक का उद्घाटन किया। उन्होंने उत्तर मुंबई को ज्यादा सुंदर, साफ और रहने लायक बनाने की अपनी प्रतिबद्धता फिर दोहराई।
'उत्तर मुंबई से उत्तम मुंबई' बनाने के अपने संकल्प पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सीधे दिखे। इसमें युवाओं के लिए रोजगार के मौके और परिवारों के लिए बेहतर सार्वजनिक जगहें उपलब्ध कराने को उन्होंने खास अहमियत दी।
गोयल ने बताया कि युवाओं को व्यावहारिक हुनर की ट्रेनिंग देने और आगे के रोजगार के लिए तैयार करने को कौशल विकास केंद्र बनाए जाएंगे। आम लोगों की सुविधा के लिए सुविधा केंद्रों को और सक्षम किया जाएगा। लोगों को साफ, हरी-भरी और आसानी से पहुंचने लायक जगहें देने के लिए उद्यानों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
गोयल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, देश का सांस्कृतिक आत्मविश्वास और विकास के लिए लगातार की गई कोशिशें, ये तीन बातें भारत को ज्यादा सामर्थ्यवान, समृद्ध और दुनिया में असरदार बनाएंगी।
उन्होंने कहा, "सांस्कृतिक रूप से आत्मविश्वासी नौजवान आत्मविश्वासी भारत की नींव है। जब हमारे युवा अपनी विरासत पर गर्व करते हैं और अपनी ऊर्जा नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में लगाते हैं, तब भारत के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं रहता।"