चंद्रपुर में सूखे से राहत पर कलेक्टर का जोर, कर्ज वसूली रुकवाने और परीक्षा फीस माफी के निर्देश
चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत ने सूखा राहत की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को तालमेल से काम करने को कहा।
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चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत ने सूखे से निपटने के उपायों के लिए सभी विभागों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में 15 अक्टूबर को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि पंचनामे पारदर्शी तरीके से किए जाएं, कर्ज वसूली रोकी जाए और विद्यार्थियों को परीक्षा फीस माफी का फायदा दिया जाए। इन कामों को सबसे ऊपर रखने को कहा गया।
ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा करने और पानी की किल्लत दूर करने के लिए जलसंधारण के कामों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। जिले में सूखे के हालात को देखते हुए किसान, खेत मजदूर, विद्यार्थी और आम नागरिकों को राहत देने के लिए सभी विभागों को संवेदनशीलता से काम करने को कहा गया। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, मनपा आयुक्त अकुनुरी नरेश, निवासी उप जिलाधिकारी दगडू कुंभार और जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रवीण झोड समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
वसुमना पंत ने कहा कि सूखे से खराब हुई फसलों के पंचनामों में कोई गड़बड़ी या कमी नहीं रहनी चाहिए। हर पंचनामे का ठीक से रिकॉर्ड रखा जाए और उसकी स्कैन कॉपी सुरक्षित रखी जाए। पंचनामों की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रसिद्ध की जाए, ताकि किसान उसे जांच सकें और किसी तरह की आपत्ति की गुंजाइश न रहे।
आने वाली पानी की किल्लत से निपटने के लिए जलसंधारण के कामों को प्राथमिकता देना जरूरी बताया गया। इसके तहत जिले में जलतारा और वनराई बंधारों के काम बड़े पैमाने पर हाथ में लिए जाएं। साथ ही गांवों में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो, इसलिए गांव के पास मौजूद मामा तालाबों के आसपास उपलब्ध जगह पर चारा लगाने की योजना बनाई जाए।
किसानों की कर्ज वसूली को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि सूखे में पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों पर वसूली का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए। खेती से जुड़े कर्ज के साथ खेती की मशीनरी के लिए लिए गए कर्ज की भी वसूली न की जाए। जिला अग्रणी बैंक जिले के सभी बैंकों को इस बारे में साफ निर्देश दे। निजी साहूकार भी वसूली के लिए किसानों को परेशान न करें, इसका ध्यान रखा जाए।
परीक्षा फीस के बारे में बताया गया कि सूखे को देखते हुए राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का फैसला लिया है। इस फैसले पर असरदार अमल हो और पात्र विद्यार्थियों से फीस न ली जाए। खासकर स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों से फीस ली गई हो तो उसे तुरंत लौटाया जाए। गोंडवाना यूनिवर्सिटी अपने क्षेत्र के सभी संबद्ध कॉलेजों को इस बारे में साफ निर्देश दे।
सूखे के कारण खेती के काम कम होने से ग्रामीण इलाकों के खेत मजदूरों और मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है। इसलिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) और विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी अभियान (ग्रामीण) के तहत ज्यादा से ज्यादा काम उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना शिरसागर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक शेखर सोनोने, जिला आपूर्ति अधिकारी राहुल बहादुरकर, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश धायगुडे, मृद व जलसंधारण अधिकारी नीलिमा मंडपे, सहकारी संस्थाओं के उपनिबंधक जयसिंग ठाकूर, उप जिलाधिकारी शुभम दांडेकर, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार, पशुसंवर्धन विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुरेश कुंभरे, गोंडवाना यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. अनिल हिरेखन और एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. राजेश इंगोले समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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