हर्षवर्धन सपकाल ने वाशिम में मांगा हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये, पूरी कर्जमाफी की भी मांग
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने वाशिम जिले में सूखे के निरीक्षण के बाद राज्य सरकार से बिना शर्त मदद, कर्जमाफी और चारा छावनी शुरू करने की मांग की।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार, 15 अक्टूबर को वाशिम जिले का दौरा किया और खेतों में जाकर सूखे का हाल देखा। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों को हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये की मदद दी जाए और पूरी कर्जमाफी की जाए। इस दौरे की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करके दी।
राज्य में किसान सूखे की मार झेल रहे हैं। राज्य सरकार ने कई इलाकों में सूखा घोषित किया है और खेतों पर जाकर मुआयना किया जा रहा है। सभी पार्टियों के नेता सूखा प्रभावित इलाकों में जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं। सपकाल भी इन दिनों ऐसे इलाकों में जाकर किसानों की दिक्कतें समझ रहे हैं।
सपकाल ने कहा, "पांडव उमरा, तांदली (तहसील और जिला वाशिम) में सूखे का जायजा लेते समय एक युवा किसान के सब्र का बांध टूट गया। आंखों में आंसू थे, सामने सूखती अरहर थी, चारे की कमी थी, बहन की शादी की जिम्मेदारी थी और सिर पर कर्ज का पहाड़ था। अपने बच्चे की तरह पाला हुआ फसल आंखों के सामने बर्बाद होते देखने वाले इस किसान की व्यथा दिल को चीर देने वाली है।"
मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "किसानों के हाथ पर 5 हजार रुपये रखने से उनका दर्द खत्म नहीं होगा। बीज, खाद, दवाई, मजदूरी और कर्ज का हिसाब इस थोड़ी सी मदद में कैसे बैठेगा? खेत पर जाकर फोटो खींचने से आगे बढ़कर अब ठोस फैसला लीजिए। किसानों को भाषण नहीं चाहिए, आश्वासन नहीं चाहिए, उन्हें अपना हक की मदद चाहिए। किसानों के आंसू पोंछ नहीं सकते तो कम से कम उनके दुख का मजाक तो मत उड़ाइए।"
सपकाल ने आगे कहा कि वाशिम जिले के मालेगांव के खेतों में सीधे खेत पर जाकर उन्होंने सूखे की तपिश देखी। उनके मुताबिक 75 दिन से ज्यादा बारिश ने गच्चा दिया, जिससे खरीफ का सीजन बर्बाद हो गया। फसलें झुलस गईं, उत्पादन घट गया और किसानों के मुंह तक आया निवाला छिन गया। ऐसे संकट में किसानों को मजबूत सहारा देना सरकार की जिम्मेदारी है, यह बात उन्होंने कही।
उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, "दिवाली मीठी करने की घोषणाएं करने वाली सरकार ने 5 हजार रुपये की छोटी सी अग्रिम मदद घोषित करके किसानों के जख्म पर नमक छिड़का है। यह मदद है या किसानों का क्रूर मजाक?"
सपकाल ने कहा, "किसानों को घोषणाओं का मरहम नहीं चाहिए, उन्हें नुकसान की भरपाई चाहिए। हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये की सबको समान मदद दीजिए, पूरी कर्जमाफी कीजिए और जानवरों के लिए तुरंत चारा शिविर शुरू कीजिए। सर्वे और बैठकों का सिलसिला रोककर किसानों के खाते में सीधे मदद जमा कीजिए। किसानों के संकट का मजाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को न्याय मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष और तेज होकर चलता रहेगा।"
इस मौके पर विधायक अमित झनक, वाशिम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विट्ठल चौधरी और प्रदेश महासचिव दिलीप सरनाईक के साथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।