सिंधुदुर्ग में 51,105 किसानों की सूखे से बर्बाद फसल के पंचनामे पूरे
सिंधुदुर्ग के आठों तालुकों में खरीफ 2026 के सूखे से हुए नुकसान का पंचनामा पूरा हो गया है और रिपोर्ट कृषि आयुक्तालय को भेजी गई है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सिंधुदुर्ग जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान सूखे जैसे हालात से प्रभावित किसानों के लिए अहम जानकारी आई है। जिले के आठों तालुकों में कुल 51 हजार 105 किसानों के 26 हजार 565.78 हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्र के पंचनामे पूरे कर लिए गए हैं।
नुकसान की यह एकजुट रिपोर्ट कृषि आयुक्तालय को सौंप दी गई है। अब प्रभावित क्षेत्र के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि यह अगले दो से तीन दिन में पूरी हो जाएगी।
जिले को ट्रिगर-1 में शामिल किए जाने के बाद पंचनामे का काम पालकमंत्री नितेश राणे के मार्गदर्शन में और जिलाधिकारी तृप्ती धोडमिसे की अगुवाई में हुआ। राजस्व, कृषि और ग्रामपंचायत विभागों ने आपस में तालमेल बिठाकर नुकसान वाली खेती की जानकारी जमा की।
दोडामार्ग, सावंतवाडी, वैभववाडी, मालवण, कणकवली, देवगड, वेंगुर्ला और कुडाळ, इन आठों तालुकों में प्रभावित क्षेत्र की एंट्री पूरी हो चुकी है। फसल के हिसाब से जानकारी को छांटकर किसानों की संख्या तय की गई।
कुडाळ तालुके में सबसे ज्यादा इलाका प्रभावित हुआ है। यहां 13 हजार 358 किसानों का 8 हजार 960.29 हेक्टेयर क्षेत्र बाधित है। मालवण में 7 हजार 757 किसानों का 4 हजार 733.27 हेक्टेयर और कणकवली में 8 हजार 712 किसानों का 4 हजार 536 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
सावंतवाडी तालुके में 6 हजार 466 किसानों का 3 हजार 245.29 हेक्टेयर, देवगड में 6 हजार 290 किसानों का 1 हजार 969.19 हेक्टेयर और वैभववाडी में 3 हजार 873 किसानों का 1 हजार 391.59 हेक्टेयर क्षेत्र बाधित है। दोडामार्ग में 1 हजार 730 किसानों का 749.50 हेक्टेयर और वेंगुर्ला में 2 हजार 919 किसानों का 980.65 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
पंचनामे भले पूरे हो गए हों, पर मदद की प्रक्रिया अभी सत्यापन के दौर में है। पात्र किसानों को सरकार के मापदंडों के हिसाब से मदद देने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए नुकसान झेल चुके किसानों की नजर अब सत्यापन पूरा होने और सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है, लेकिन मदद की असल रकम और बांटने की तारीख अभी साफ नहीं है।