आतंकवादियों का भय दिखाकर 50 लाख का चूना
सेवानिवृत्त अधिकारी सहित तीन शिकार, साइबर अपराधियों पर मामले दर्ज
नागपुर.
साइबर अपराधियों ने आतंकवादियों से संबंध होने का भय दिखाकर सेवानिवृत अधिकारी सहित तीन लोगों को ठगी का शिकार बनाया है. पीड़ितों को 50 लाख रुपए का चूना लगाया गया है. साइबर पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच आरंभ की है.
पहले मामले के पीड़ित 57 वर्षीय संजय लोंदेकर सेवानिवृत्ति अधिकारी हैं. लोंदेकर को एक अक्टूबर की सुबह कथित केशव जाधव नामक व्यक्ति ने कॉल किया. उसने बताया कि वह मुंबई पुलिस के मुख्यालय से बात कर रहा है. उसने लोंदेकर को वीडियो कॉल करके यूनिफॉर्म पहना हुआ पुलिस अफसर दिखाया. लोंदेकर को कहा कि कश्मीर में आतंकवादी हमले की जगह से उनका आधार कार्ड मिला है. देशद्रोही कार्य करने के लिए निजी बैंक से 7 करोड रुपए का कर्ज लिया गया है. इस मामले में उनकी की गिरफ्तारी होने वाली है. कथित जाधव ने लोंदेकर को आरबीआई का फर्जी आदेश और गिरफ्तारी वारंट व्हाट्सएप पर भेजते हुए डिजिटल अरेस्ट किए जाने का बताया. जाधव ने डिजिटल अरेस्ट होने की वजह से घर से भी बाहर नहीं निकलने की धमकी दी. उसने लोंदेकर को 10 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. हफ्ते पर चले इस घटनाक्रम की लोंदेकर ने अपने परिजनों को जानकारी दी. इसके बाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.
इसी तरह 74 वर्षीय कामिनी भी सेवानिवृत अधिकारी हैं. उन्हें 26 अगस्त को एक व्हाट्सएप से वीडियो कॉल आया. वीडियो कॉल करने वाले ने कोलाबा क्राइम ब्रांच मुंबई से बात किए जाने का झांसा दिया. उसने कामिनी को बताया कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. उनके नाम से जारी केनरा बैंक के एटीएम कार्ड का आतंकवादी गतिविधि और मनी लांड्री के लिए इस्तेमाल हुआ है. इस प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी होने वाली है. आरोपी ने कामिनी से अपनी संपत्ति का ब्यौरा और परिजनों की जानकारी देने को कहा. उसने परिजनों को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी. उसने कामिनी को भयभीत करके अलग-अलग खातों में 22 लाख 80 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए. कामिनी की शिकायत पर साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. तीसरी वारदात के पीड़ित 42 वर्षीय रवि भगत को इंस्टाग्राम पर अलग-अलग नंबर से साइबर अपराधियों ने संपर्क किया. उन्हें शेयर मार्केट और स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करने पर भारी मुनाफा होने का झांसा दिया. भगत को अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया. इसके बाद निवेश करने के लिए प्रेरित किया. निवेश राशि पर मुनाफा होने का बताकर 15 लाख 74 हजार निवेश करने को लगाया. भगत द्वारा रुपए वापस मांगने पर आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया. भगत की शिकायत पर साइबर पुलिस ने सान्वी वाधवा, मधु, आराध्या भसीन आदि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.