शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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02:53 IST

गजानन कीर्तिकर बोले, शिंदे की शिवसेना नहीं छोड़ेंगे, ठाकरे गुट में लौटने की खबरें बेबुनियाद

गजानन कीर्तिकर बोले, शिंदे की शिवसेना नहीं छोड़ेंगे, ठाकरे गुट में लौटने की खबरें बेबुनियाद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

शिंदे की शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद गजानन कीर्तिकर ने पार्टी छोड़ने की चर्चाओं पर अब खुद बात रखी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं।

पिछले कुछ समय से यह चर्चा जोरों पर थी कि कीर्तिकर नाराज हैं और जल्द ही शिवसेना के शिंदे गुट को 'जय महाराष्ट्र' कह देंगे। यह भी खबरें आ रही थीं कि वे दोबारा उद्धव ठाकरे की शिवसेना में शामिल होंगे। इन सब बातों पर कीर्तिकर ने खुद स्पष्टीकरण दिया और पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगा दिया।

कीर्तिकर ने बताया कि उन्हें शिवसेना छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में जाने की कोई इच्छा नहीं है। उनके मुताबिक, अपने पार्टी छोड़ने की खबरें देखकर उन्हें झटका लगा। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वे संतुष्ट हैं।

कीर्तिकर के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने इस बारे में उन्हें फोन करके पूछताछ की थी। उस वक्त उन्होंने शिंदे को असलियत बता दी थी। कीर्तिकर ने कहा कि उन्हें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा है और वे शिवसेना को महाराष्ट्र में पहले नंबर पर लाने के लिए कोशिश करेंगे।

इसी बातचीत में कीर्तिकर ने पार्टी के भीतर संपर्क की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद के तौर पर बीमारी और अन्याय से जूझ रहे लोगों के काम करवाने के लिए कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से संपर्क में रहना जरूरी है।

उनकी अपेक्षा है कि जरूरी कामों के लिए मुख्यमंत्री या पार्टी प्रमुख से संपर्क हो सके। कीर्तिकर ने बताया कि संपर्क की दिक्कतें दूर करने के लिए व्यवस्था करने का आश्वासन एकनाथ शिंदे ने दिया है।

कीर्तिकर ने एक और मांग रखी कि महीने में कम से कम एक बैठक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुझाव दिया है कि एनडीए के घटक के तौर पर काम करते हुए शिवसेना पार्टी को भी पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने की वजह पर कीर्तिकर ने कहा कि उन्हें लगा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना कांग्रेस की तरफ झुक रही थी और पार्टी का मराठी तेवर खोता जा रहा था। इसी भावना के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ी थी।

गजानन कीर्तिकर शिवसेना के वरिष्ठ नेता हैं और ठाकरे गुट के मुंबई के नेता अमोल कीर्तिकर के पिता हैं। इसी वजह से उनके दोबारा ठाकरे गुट में जाने की चर्चाओं को राजनीतिक अहमियत मिल गई थी।

अब कीर्तिकर ने साफ कर दिया है कि वे शिंदे की शिवसेना नहीं छोड़ेंगे, इसलिए इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। उनके बयान से यही समझ आता है कि वे पार्टी के नेताओं से नियमित संवाद और कार्यकर्ताओं के कामों के लिए असरदार संपर्क व्यवस्था चाहते हैं।

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