बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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21:36 IST

मलकापुर में दुर्गा स्थापना जुलूस के 12 डीजे मालकों पर केस दर्ज, आवाज 120.4 डेसिबल नापी गई

नवरात्रोत्सव के जुलूसों में तेज आवाज में डीजे बजाने पर मलकापुर शहर पुलिस ने 12 डीजे मालकों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।

बुलढाणा जिले के मलकापुर में नवरात्रोत्सव के दौरान दुर्गादेवी की स्थापना के जुलूसों में कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 12 डीजे मालकों के खिलाफ मलकापुर शहर पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई रविवार को की गई। मौके पर साउंड मीटर से आवाज नापी गई तो वह पूरे 120.4 डेसिबल दर्ज हुई।

शहर में हनुमाननगर, नारखेडे कॉम्प्लेक्स, गाडगेबाबा टी पॉइंट, एसबीआय चौक, तहसील चौक, हनुमान चौक, होटल विशाल परिसर, सूरज मेडिकल के पास, टायटन दुकान के सामने और कन्हैया डेली नीड्स परिसर समेत कई जगहों पर दुर्गादेवी स्थापना के जुलूस निकाले गए थे।

पुलिस की कार्रवाई से सामने आया कि इन जुलूसों में तय सीमा से ज्यादा आवाज में डीजे बजाए गए, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। खास तौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मरीजों को ज्यादा तकलीफ होने की आशंका जताई गई है।

इस मामले में अक्षय बाजीराव तोत्रे (निवासी पाझर घाटमळा, चांडवली बु., जिला पुणे), शुभम सुपडा लहाने (निवासी साखळी बु., जिला बुलढाणा), रामराज्य मलकापूरवाला साउंड से जुड़ा एक व्यक्ति, परेश विलास पाटील (जळगाव खुर्द, जिला जळगाव), गौरव अनिल पाटील (सनी पैलेस, खामगाव), शुभम बाळू अंधारे (अदमपूर, जिला अकोला), चिरज प्रकाश गलवाडे (पंचशील नगर, भुसावल), आनंद जनार्दन वानखडे (खामगाव) और अभिषेक रवींद्र चव्हाण (म्हसवेद, जिला सातारा) समेत कुल 12 डीजे मालकों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं।

इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(ख), 270 और 293 के साथ ही पुलिस अधिनियम की महाराष्ट्र से संबंधित धाराओं के तहत मामला बनाया गया है।

पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। 4 अक्टूबर को मलकापुर शहर पुलिस स्टेशन में डीजे चालकों और मालकों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी सूचनाएं दी गई थीं। इसके अलावा बाहर गांव से आए डीजे मालकों को रविवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 168 के तहत नोटिस देकर कानूनी नियमों की जानकारी कराई गई थी।

इसके बावजूद पाबंदी लागू रहते हुए और पहले से सूचना देने के बाद भी नियमों का उल्लंघन होता रहा। इसलिए पुलिस ने मौके पर जाकर साउंड मीटर से आवाज की जांच की। जब 120.4 डेसिबल की आवाज दर्ज हुई, तब संबंधित डीजे मालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

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