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21:22 IST

महाराष्ट्र की 60 जेलों में क्षमता के 140 फीसदी कैदी, हाई कोर्ट में हलफनामा

जेल प्रशासन ने हाई कोर्ट को बताया कि अप्रैल 2026 तक राज्य की 60 जेलों में 38 हजार 515 कैदी थे, जिनमें 83 फीसदी सुनवाई के इंतजार में हैं।

महाराष्ट्र की 60 जेलों में क्षमता के 140 फीसदी कैदी, हाई कोर्ट में हलफनामा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र की जेलों में कैदियों की भीड़ को लेकर हाई कोर्ट में जानकारी पेश की गई है। राज्य की 60 जेलों की कुल मंजूर क्षमता से कहीं ज्यादा, यानी अप्रैल 2026 तक 38 हजार 515 कैदी इन जेलों में बंद थे। यह संख्या क्षमता के 140 फीसदी तक पहुंच गई है। इनमें से 83 फीसदी कैदी ऐसे हैं जिनके मामलों में अदालती कार्यवाही अभी पूरी नहीं हुई है।

यह जानकारी सोमवार (12 तारीख) को जेल प्रशासन ने हलफनामे के जरिए दी। मामला जेलों के हालात पर हाई कोर्ट की ओर से खुद संज्ञान लेकर शुरू की गई याचिका का है और उसी की सुनवाई के दौरान यह हलफनामा सामने आया।

मुख्य न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के सामने जेल महानिदेशक सुहास वारके ने हलफनामा पेश किया। उसके मुताबिक राज्य के कुल कैदियों में 31 हजार 821 कच्चे कैदी हैं, छह हजार 248 कैदी दोषी ठहराए जा चुके हैं और 446 कैदी स्थानबद्ध और अन्य श्रेणियों के हैं।

हलफनामे में जेल प्रशासन ने कहा है कि कैदियों को पौष्टिक खाना, साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, कानूनी मदद और काउंसलिंग दी जा रही है। राज्य की 45 जेलों में 15 लाइब्रेरी हैं, जिनमें करीब 75 हजार 715 किताबें रखी गई हैं। 2014 से अब तक 2 हजार 895 कैदियों ने जेल में रहते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की है। कैदियों को सिलाई, बढ़ईगिरी, बेकरी, खेती और कंप्यूटर की ट्रेनिंग भी दी जाती है।

दिमागी सेहत के लिए काउंसलिंग, योग, ध्यान और खेलकूद की गतिविधियां चलाई जा रही हैं। जरूरतमंद कैदियों को जमानत के लिए आर्थिक मदद देने की योजना से 19 अप्रैल 2026 तक 260 कैदियों को फायदा मिला है। खुली जेलों की कुल क्षमता 3 हजार 307 है और वहां 1 हजार 935 कैदी हैं। प्रशासन के मुताबिक कैदियों के पुनर्वास, रिहाई के बाद रोजगार और रहने की व्यवस्था और समाज में दोबारा शामिल होने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं।

हलफनामे में आधुनिक तकनीक का भी जिक्र है, जिससे अदालती कामकाज और परिवार से बातचीत आसान हुई है। 2025 में 4.54 लाख से ज्यादा ई-मुलाकातें हुईं। मई 2026 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी का आंकड़ा 96 फीसदी पर पहुंच गया। जेलों में 196 ई-कियोस्क मशीनें भी काम कर रही हैं।

कैदियों की सेहत, साफ-सफाई और पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए जेलों में 201 वॉटर कूलर प्यूरीफायर और 92 वॉशिंग मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा 181 नए प्यूरीफायर यूनिट लगाने की प्रक्रिया चल रही है।

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