शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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01:55 IST

वायरल वीडियो के बाद कॉटन मार्केट ट्रैफिक के एपीआई शेडगे पर गिरी गाज, कमिश्नर ने किया सस्पेंड

कथित वसूली का वीडियो वायरल होने पर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने कॉटन मार्केट यातायात विभाग के एपीआई शेडगे को सस्पेंड किया।

वायरल वीडियो के बाद कॉटन मार्केट ट्रैफिक के एपीआई शेडगे पर गिरी गाज, कमिश्नर ने किया सस्पेंड तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर शहर के यातायात विभाग के एक अधिकारी से जुड़ा कथित वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने कॉटन मार्केट यातायात विभाग में तैनात असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) शेडगे को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद यातायात विभाग में हड़कंप मच गया है।

बताया गया है कि एपीआई शेडगे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा था। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उसमें वे संजय ट्रैवल्स की बस के एक कर्मचारी से कथित तौर पर पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही संबंधित अधिकारी की भूमिका और यातायात विभाग के कामकाज के तरीके पर सवाल उठने लगे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने शेडगे के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की।

सवाल सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं है। कॉटन मार्केट इलाके में ट्रैवल्स की बसों और दूसरे कमर्शियल वाहनों की आवाजाही के दौरान कथित वसूली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियम तोड़ने वाले कुछ वाहनों पर कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर पैसों का लेन-देन होता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

एपीआई शेडगे के सस्पेंड होने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कथित वसूली के इस मामले में सिर्फ एक अधिकारी की भूमिका थी या दूसरे कर्मचारी भी इसमें शामिल थे। कथित लेन-देन की रकम कितनी थी, यह सिलसिला कितने समय से चल रहा था और इसमें और कौन लोग शामिल हो सकते हैं, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल की इस कार्रवाई के बाद यातायात विभाग में जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें मामले की आगे की जांच पर टिकी हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं से साफ होगा कि इस प्रकरण में किसी और अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका है या नहीं। तब तक वीडियो में दिखने का दावा और वसूली के आरोप कथित ही हैं, और उनकी पुष्टि जांच से ही होनी है।

कुल मिलाकर, नागपुर के यातायात विभाग में वायरल वीडियो के बाद उठे सवालों पर पुलिस आयुक्त ने सस्पेंशन के जरिए पहला कदम उठाया है। आगे की जांच से यह तय होगा कि कथित वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसमें कौन-कौन शामिल था। फिलहाल कॉटन मार्केट इलाके के वाहन चालकों और ट्रैवल्स बस वालों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा है।

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