रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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17:14 IST

एमपीएससी आंदोलन के 11वें दिन रोहित पवार ने सरकार को शाम तक की मोहलत दी

विधायक रोहित पवार ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों से बात कर हल नहीं निकाला तो कल आंदोलन की दिशा बदलेगी। शाम 7 बजे वे अगली घोषणा करेंगे।

एमपीएससी आंदोलन के 11वें दिन रोहित पवार ने सरकार को शाम तक की मोहलत दी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे के एस. एम. जोशी पुल पर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विद्यार्थियों के आंदोलन का आज 11वां दिन है। इस आंदोलन की वजह से राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार को आज शाम तक फैसला लेने की मोहलत दी है।

रोहित पवार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों से बातचीत करके उनकी मांगों पर हल नहीं निकाला, तो कल आंदोलन की दिशा बदली हुई दिखेगी। उन्होंने साफ किया कि आज शाम 7 बजे वे आंदोलन के अगले कदम का ऐलान करेंगे।

पवार की मांग है कि सरकार विद्यार्थियों के सवालों को गंभीरता से ले और उनकी मांगों पर फैसला करे। उनका दावा है कि इस मुद्दे से करीब 25 लाख विद्यार्थी सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वे अपने मित्र का पक्ष लेने के बजाय विद्यार्थियों के भविष्य को पहले रखें। पवार के मुताबिक, एमपीएससी के कामकाज में सुधार के लिए विद्यार्थियों ने जो मसौदा तैयार किया है, वह सरकार के सामने रखा जा चुका है और उसे विद्यार्थियों का समर्थन हासिल है।

आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज हुए मामले भी मुद्दा बने हुए हैं। दो दिन पहले 15 विद्यार्थियों पर केस दर्ज हुआ था। उसके बाद शनिवार को ड्रोन उड़ाने के मामले में 5 और लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। इसी पृष्ठभूमि में रोहित पवार खुद विश्रामबाग पुलिस थाने गए और मांग की कि उन पर भी मामला दर्ज किया जाए। पवार ने बताया कि पुलिस ने कहा है कि इस पर जांच के बाद फैसला लिया जाएगा।

भाजपा नेता गोपीचंद पडलकर की टिप्पणी का जवाब देते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को 'अर्बन नक्सल', 'दिमागी नक्सल' और पैसे लेकर आंदोलन करने वाले कहा जा रहा है। उनका कहना था कि विद्यार्थियों के आंदोलन को 'तमाशा' कहना गरीब विद्यार्थियों, किसानों और खेतमजदूरों के बच्चों का मजाक उड़ाने जैसा है।

पवार ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग शुरू से कायम है। उन्होंने आयोग के वॉचमैन से लेकर अध्यक्ष तक सभी की जांच की मांग की। उनके मुताबिक जांच समिति में सक्षम और निष्पक्ष अधिकारी होने चाहिए, और तुकाराम मुंढे जैसे अधिकारियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

रोहित पवार ने सरकार के खर्च और प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे के हालात हैं, फिर भी किसानों, खेतमजदूरों और विद्यार्थियों के लिए कोई मदद घोषित नहीं की गई। उन्होंने वीआईपी लोगों के लिए 12 करोड़ 68 लाख रुपये की गाड़ियों की खरीद पर सवाल किया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि लंदन दौरे से जुड़ा खर्च हुआ है और एक निजी कंपनी के कार्यक्रम पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

अब सबकी नजर शाम 7 बजे पर है, जब रोहित पवार आंदोलन की अगली दिशा बताएंगे। विद्यार्थी और राजनीतिक हलके देख रहे हैं कि सरकार इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है। सरकार विद्यार्थियों से बात करके हल निकालती है या आंदोलन और तेज होता है, यह आने वाले घटनाक्रम से साफ होगा।

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