नागपुर में मंगलवार को फिर 24 घंटे पानी बंद, नगर निगम और ओसीडब्ल्यू की सलाह पर लोगों में गुस्सा
मानकापुर चौक के पास पेंच-4 जलवाहिनी की लीकेज मरम्मत के लिए मंगलवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी, जबकि शहर के कई इलाके पहले से ही पानी को तरस रहे हैं।
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नागपुर शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई अनियमित और कम है। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। एक तरफ नल में पानी आने का कोई भरोसा नहीं है, और दूसरी तरफ नगर निगम और ओसीडब्ल्यू लोगों से पानी किफायत से इस्तेमाल करने की अपील कर रहे हैं।
इसी बात को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। लोग पूछ रहे हैं कि जिन एजेंसियों पर पानी की सप्लाई सुचारु रखने की जिम्मेदारी है, वे बार-बार होने वाली लीकेज, मरम्मत और शटडाउन की दिक्कतों का पक्का इलाज करने के बजाय आम लोगों को ही किफायत की सलाह दें, यह कहां तक ठीक है।
अब मानकापुर चौक के पास पेंच-4 जलवाहिनी की लीकेज दुरुस्त करने के लिए मंगलवार को एक बार फिर 24 घंटे जलापूर्ति बंद रखी जाएगी। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ने वाली है।
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की खामियों का खामियाजा लोगों को बार-बार भुगतना पड़ रहा है। कभी पाइपलाइन लीक हो जाती है, कभी तकनीकी खराबी आ जाती है, तो कभी रखरखाव और मरम्मत के नाम पर सप्लाई रोक दी जाती है। ये काम जरूरी जरूर हैं, लेकिन इनकी ठीक से प्लानिंग करना नगर निगम और ओसीडब्ल्यू की जिम्मेदारी है।
हर बार शटडाउन का ऐलान करते हुए लोगों से कहा जाता है कि पानी जमा करके रखें और किफायत से खर्च करें। मगर कई इलाकों में जब पहले से ही पूरा पानी नहीं मिल रहा, तो ऐसी सलाह का क्या फायदा, यह सवाल उठ रहा है। लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, लेकिन उलटे उन्हें ही बार-बार असुविधा झेलनी पड़ रही है। इसलिए चलताऊ मरम्मत की जगह जलापूर्ति व्यवस्था की कमियां दूर करके स्थायी इंतजाम करने की जरूरत है।
गर्मियों की तरफ देखें तो पानी की मांग बढ़ेगी और जलस्रोतों पर दबाव भी बढ़ेगा। उसी वक्त जलवाहिनियों की मरम्मत का काम भी चलता रहा, तो नागपुरवासियों को फिर बड़े जल संकट से गुजरना पड़ सकता है। नगर निगम और ओसीडब्ल्यू को अब सिर्फ शटडाउन की सूचना और किफायत की सलाह देने से आगे बढ़कर जलापूर्ति व्यवस्था की खामियों को हमेशा के लिए दूर करने पर जोर देना होगा।
पानी जैसी बुनियादी जरूरत के सवाल पर लोगों को बार-बार परेशान करना ठीक नहीं है। नागरिकों की बस इतनी अपेक्षा है कि पहले सप्लाई सुचारु की जाए, फिर किफायत की सीख दी जाए।
पानी का यह संकट जल्द खत्म नहीं किया गया, तो अब तक घर-घर में दिख रहा गुस्सा फूट सकता है और लोग सड़कों पर उतर आएं, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर निगम और ओसीडब्ल्यू के लिए अब इसे गंभीरता से लेने का वक्त आ गया है।