नागपुर जिले में नए बोरवेल खोदने पर अगले आदेश तक रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
जलसंकट की आशंका के बीच जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत बोरवेल खुदाई पर प्रतिबंध लगाया है।
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नागपुर जिले में इस साल बारिश कम हुई है और जलाशयों में पानी का भंडार भी घट रहा है। आने वाले दिनों में पानी का संकट गहरा सकता है, इसी आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बोरवेल की खुदाई पर रोक लगा दी है।
यह आदेश जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किया है। प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद भूजल स्रोतों को बचाना, पीने के पानी के स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव घटाना और आगे चलकर पानी की किल्लत को गंभीर होने से रोकना है। आदेश जिले के पूरे शहरी और ग्रामीण इलाके में लागू रहेगा।
आदेश के मुताबिक अब जिले में किसी भी तरह का नया बोरवेल नहीं खोदा जा सकेगा। इतना ही नहीं, पहले से मौजूद बोरवेल को और गहरा करने के काम पर भी रोक रहेगी। हालांकि पहले से चल रहे बोरवेल का नियमित इस्तेमाल बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
यह नियम निजी लोगों, किसानों, हाउसिंग सोसाइटियों, बिल्डरों, उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थाओं पर लागू होगा। साथ ही बोरवेल खुदाई करने वाले ठेकेदारों, रिग मालिकों और मशीन ऑपरेटरों को भी इसका पालन करना होगा।
सरकारी एजेंसियों के बोरवेल खुदाई के काम इस प्रतिबंध से बाहर रखे गए हैं। ये काम पानी की किल्लत दूर करने और सार्वजनिक पीने के पानी की उपलब्धता पक्की करने के लिए किए जाते हैं। सरकारी कार्यादेश के तहत ठेकेदारों से कराए जाने वाले ऐसे काम भी छूट के दायरे में रहेंगे।
लेकिन इन एजेंसियों को सरकारी कार्यादेश, सक्षम प्राधिकारी की प्रशासनिक मंजूरी और काम के जलसंकट निवारण से जुड़े होने के दस्तावेज अपने पास रखने होंगे। इन कामों में भूजल से जुड़े कानूनों, तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होगा।
आदेश को असरदार तरीके से लागू करने के लिए उपविभागीय अधिकारियों को अपने इलाके में निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि तहसीलदार, पुलिस विभाग, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी के साथ तालमेल बनाकर मौके पर जांच करें और प्रतिबंधित खुदाई रुकवाएं। आदेश का उल्लंघन करने या उसे लागू कराने में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।