पुणे जिल्हाधिकारी का आदेश: रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा बंद की जाए, बिना परमिशन चल रही थी
पुणे के जिलाधिकारी ने रैपिडो की टू-व्हीलर टैक्सी सेवा बंद करने के निर्देश दिए हैं। रिक्शा संगठनों के मुताबिक यह सेवा सरकार की अधिकृत परमिशन के बिना चल रही थी।
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पुणे और पिंपरी-चिंचवड शहर में चल रही रैपिडो कंपनी की टू-व्हीलर टैक्सी सेवा को बंद करने के निर्देश पुणे के जिलाधिकारी ने दिए हैं। रिक्शा संगठनों ने बताया कि सरकार की अधिकृत परमिशन लिए बिना यह सेवा चलाई जा रही थी, और यह बात बैठक में सामने आने के बाद प्रशासन ने कंपनी को सेवा रोकने का आदेश दिया।
अब सबकी नजर इस पर है कि आदेश पर असल में अमल कैसे होता है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अगर बिना परमिशन सेवा चलती रही तो प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
इस मामले की शुरुआत रिक्शा संगठनों के ज्ञापन से हुई। महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत, ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑटो टैक्सी चालक-मालक संगठन संयुक्त कृति समिति की तरफ से रैपिडो की टू-व्हीलर टैक्सी सेवा के खिलाफ जिलाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को निवेदन दिया गया था। इसी मांग के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक हुई। उसमें प्रशासनिक अधिकारी, रिक्शा संगठनों के प्रतिनिधि और ओला, उबर व रैपिडो कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
संगठनों का दावा है कि इसी बैठक में यह बात सामने आई कि रैपिडो ने टू-व्हीलर टैक्सी सेवा चलाने के लिए सरकार की अधिकृत परमिशन ली ही नहीं है। इसके बाद बताया गया कि जिलाधिकारी ने सेवा बंद करने के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. बाबा कांबळे ने मांग की है कि इस फैसले पर तुरंत अमल किया जाए। उनका कहना है कि अगर नियमों का उल्लंघन करके सेवा जारी रखी जाती है तो संबंधित लोगों पर मामले दर्ज किए जाएं।
आगे क्या होगा, इसका अंदाजा यह है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद संबंधित एजेंसियां रैपिडो की सेवा की स्थिति जांच सकती हैं। सेवा सच में बंद हुई या नहीं, और कंपनी आदेश मान रही है या नहीं, इसकी पड़ताल अहम होगी। आदेश का उल्लंघन पाया गया तो आगे की कार्रवाई में परिवहन विभाग और संबंधित प्रशासन की भूमिका निर्णायक रहेगी। उधर रिक्शा संगठन इस मामले का पीछा करेंगे, इसलिए यह भी साफ होगा कि शहर की यात्री परिवहन व्यवस्था पर इस फैसले का क्या असर पड़ता है।