नागपुर पदवीधर नतीजे पर नितेश राणे का सवाल, 16-17 हजार वोट रद्द होने पर जताई चिंता
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भाजपा नेता नितेश राणे ने कांग्रेस के जश्न पर सवाल उठाया और नागपुर पदवीधर चुनाव में रद्द हुए वोटों के कारण खोजने की बात कही।
विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता नितेश राणे ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे का हवाला देते हुए कांग्रेस के जश्न पर आपत्ति जताई। साथ ही उन्होंने इस चुनाव में करीब 16 से 17 हजार वोट रद्द होने के मुद्दे की तरफ भी ध्यान खींचा।
नागपुर के नतीजे के बाद कांग्रेस की तरफ से जो खुशी जताई जा रही है, उस पर नितेश राणे ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पूछा कि एक निर्दलीय उम्मीदवार की जीत पर कांग्रेस जश्न क्यों मना रही है।
राणे ने कहा कि कांग्रेस अपनी ताकत पर कामयाबी हासिल नहीं कर पाती, इसलिए वह दूसरे की जीत की खुशी मना रही है। उनके इस बयान से सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बड़ी संख्या में वोट अवैध ठहराए जाने का मामला भी नितेश राणे ने उठाया। करीब 16 से 17 हजार वोट रद्द होने के आंकड़े की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारणों की पड़ताल होनी चाहिए।
उनका कहना था कि अगर पढ़े-लिखे मतदाताओं से भी वोट डालने की प्रक्रिया में गलतियां हो रही हैं, तो इसके पीछे की वजहों का अध्ययन होना चाहिए। उनके बयान का मतलब यह है कि वोटिंग प्रक्रिया की खामियां दूर करने के लिए संबंधित एजेंसियों को इस विषय को गंभीरता से देखना चाहिए।
नितेश राणे ने यह भी कहा कि राज्य की जनता ने महायुति को विकास के काम करने और राज्य की सेवा करने का मौका दिया है। चुनाव के नतीजों की ठीक तरह से समीक्षा की जाएगी, यह बात भी उन्होंने रखी।
नागपुर के नतीजे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच की सियासी खींचतान एक बार फिर चर्चा में है। एक तरफ नितेश राणे ने कांग्रेस के जश्न पर टिप्पणी की, तो दूसरी तरफ रद्द वोटों का मुद्दा उठाकर चुनाव प्रक्रिया में संभावित खामियों की तरफ ध्यान दिलाया। अब सबकी नजर इस पर है कि इस बयान पर कांग्रेस क्या प्रतिक्रिया देती है और रद्द वोटों के आंकड़े पर आधिकारिक स्तर पर क्या स्पष्टीकरण आता है।
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