गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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नागपुर पदवीधर चुनाव: कोहले के नाम के आगे 2 लिखे वोट अवैध, वंजारी 3271 वोट से जीते

नागपुर पदवीधर चुनाव: कोहले के नाम के आगे 2 लिखे वोट अवैध, वंजारी 3271 वोट से जीते तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

नागपुर विभाग पदवीधर चुनाव में भाजपा की लगातार दूसरी हार के बाद अवैध वोटों को लेकर चर्चा तेज है। रवि वाघमारे ने इसे हादसा नहीं, साजिश बताया है।

नागपुर विभाग पदवीधर चुनाव में भाजपा को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3271 वोट से हराया। लेकिन हार-जीत के आंकड़े से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि कोहले को मिलने वाले करीब सात हज़ार वोट अवैध हो गए।

मामला यह है कि करीब छह से सात हज़ार मतदाताओं ने कोहले के नाम के आगे 1 की जगह 2 लिख दिया। इस वजह से ये सारे मतपत्र अवैध श्रेणी में चले गए और अवैध वोटों की कुल संख्या बढ़कर 15106 तक पहुंच गई। अगर इन मतदाताओं ने 2 की जगह 1 लिखा होता, तो कोहले को हज़ारों वोट ज्यादा मिल सकते थे।

इसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं ने एक जैसी गलती कैसे और क्यों की? क्या यह भाजपा और कोहले का "करेक्ट कार्यक्रम" करने की किसी की सोची-समझी योजना थी? यह सिर्फ हादसा है या किसी ने जानबूझकर घात किया है? चर्चा यह भी है कि चुनाव आयोग ने इस चुनाव में नोटा का विकल्प नहीं दिया था, तो क्या मतदाताओं ने खुद 2 अंक लिखकर अपना वोट एक तरह से नोटा बना दिया?

संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक और पूर्व भाजपा कार्यकर्ता रवि वाघमारे से इसी मुद्दे पर बात की गई। उन्होंने भी शंका जताई कि इतने सारे मतदाताओं का एक ही तरीके से अपना वोट अवैध करवा लेना हादसा नहीं, साज़िश है। उनका सुझाव है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता इस पर ध्यान दें।

वाघमारे के मुताबिक कोहले के नाम के आगे 2 लिखकर किया गया अवैध मतदान किसी ने सोच-समझकर करवाया है। उनका कहना है कि मतपत्र पर 1 लिखे बिना वोट शुरू ही नहीं होता और वह वैध नहीं माना जाता। जिन समझदार मतदाताओं को यह मालूम था, उन्होंने यह जानबूझकर किया। उनका यह भी कहना है कि इस चुनाव में नोटा नहीं होता, इसलिए कई मतदाताओं ने 1 की जगह 2 लिखकर अपना वोट नोटा करवा लिया। भाजपा के हज़ारों मतदाताओं ने ऐसा क्यों किया, इस पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सोचना चाहिए, यह भी वाघमारे ने कहा।

निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराळे को लेकर भी वाघमारे ने बात रखी। उनके मुताबिक भाजपा के असर वाली कई बस्तियों में कराळे को पहली और दूसरी पसंद के वोट बड़ी संख्या में मिले, और भाजपा नेतृत्व को इस पर आत्मचिंतन करना चाहिए। वाघमारे ने कहा कि कराळे के पास कोई तंत्र नहीं था, फिर भी इस नौजवान को इतने वोट कैसे और किसके मिले, यह सोचने लायक सवाल है। उन्होंने यह भी कहा कि कराळे को मिले वोटों ने दिखा दिया कि "जेन झी" को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

जाति के मुद्दे पर वाघमारे ने कहा कि पदवीधर चुनाव का जाति पर चला जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके मुताबिक संदीप जोशी के वक्त चुनाव जाति पर चला गया था। उसे ध्यान में रखकर भाजपा ने इस बार चुनाव जाति पर न जाए, इसलिए कुणबी समाज के सुधाकर कोहले को उम्मीदवारी दी। वाघमारे का कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का यह गणित पूरी तरह गलत निकला।

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