औरंगाबाद पदवीधर सीट: शरदचंद्र पवार गुट के डॉ. प्रतापसिंह पाटील 18,124 वोट से जीते
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राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्ष - शरदचंद्र पवार पक्ष के डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने 05-औरंगाबाद विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में सतीश चव्हाण को 18 हजार 124 वोट से हराया।
छत्रपति संभाजीनगर, 29 अक्टूबर। विधान परिषद के 05-औरंगाबाद विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्ष - शरदचंद्र पवार पक्ष के उम्मीदवार डॉ. प्रतापसिंह वेदप्रकाश पाटील जीत गए हैं। उन्होंने 18 हजार 124 वोट के अंतर से जीत हासिल की।
आखिरी गिनती में डॉ. पाटील को 85 हजार 876 वोट मिले। राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्ष के उम्मीदवार सतीश भानुदासराव चव्हाण को 67 हजार 752 वोट मिले। पसंद क्रम के हिसाब से 39 उम्मीदवारों को बाहर करने और वोट ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुई फाइनल गिनती में डॉ. पाटील को सबसे ज्यादा वोट मिले।
भारत चुनाव आयोग से नतीजे की आगे की प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार, 29 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर चुनाव निर्णय अधिकारी और विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने डॉ. पाटील को विजयी घोषित किया। जी. श्रीकांत के हाथों डॉ. पाटील को जीत का सर्टिफिकेट दिया गया। इस मौके पर चुनाव निरीक्षक श्रीमती माधवी खोडे-चवरे, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दूसरे अधिकारी मौजूद थे।
गिनती छत्रपति संभाजीनगर के चिकलठाणा एमआईडीसी इलाके में रेसोनेट लॉजिस्टिक्स एलएलपी में हुई। यह काम विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत और निरीक्षक श्रीमती माधवी खोडे-चवरे की देखरेख में पूरा हुआ। छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, हिंगोली, नांदेड, लातूर और धाराशिव, इन आठ जिलों के 842 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई थी और 41 उम्मीदवार मैदान में थे। गिनती के लिए 70 टेबल लगाई गई थीं।
गिनती की शुरुआत में बैलेट पेपर की जांच और छंटाई की गई। इसके बाद पहली पसंद के वोटों की गिनती तीन राउंड में पूरी हुई। पहले राउंड में 70 हजार 519 और दूसरे राउंड के अंत तक कुल 1 लाख 40 हजार 543 बैलेट पेपर गिने गए। गिनती के आंकड़ों के मुताबिक कुल 1 लाख 77 हजार 115 वोट वैध और 16 हजार 540 वोट अवैध निकले। वैध वोटों के आधार पर जीत के लिए 88 हजार 558 वोट का कोटा तय किया गया।
पहली पसंद की गिनती खत्म होने पर डॉ. प्रतापसिंह पाटील को 73 हजार 931 और सतीश चव्हाण को 60 हजार 768 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार रविराज उर्फ अण्णासाहेब सावले-पाटील को 19 हजार 835 और दिलीप घुगे को 8 हजार 439 वोट मिले। किसी भी उम्मीदवार ने जीत का कोटा पूरा नहीं किया था। इसलिए चुनाव नियमों के हिसाब से कम वोट वाले उम्मीदवारों को एक-एक करके बाहर किया गया और उनके बैलेट पर अगली उपलब्ध पसंद के मुताबिक वोट ट्रांसफर किए गए।
दिलीप घुगे के बैलेट से 2 हजार 285 वोट डॉ. पाटील को और 1 हजार 881 वोट सतीश चव्हाण को ट्रांसफर हुए। इसके बाद 39वीं बार बाहर करने में रविराज सावले-पाटील के बैलेट से 6 हजार 469 वोट डॉ. पाटील को और 3 हजार 241 वोट सतीश चव्हाण को मिले। कुल 41 उम्मीदवारों में से 39 के बाहर होने के बाद सिर्फ डॉ. पाटील और सतीश चव्हाण बचे। उस मोड़ पर भी किसी ने कोटा पूरा नहीं किया था। आखिर में डॉ. पाटील को 85 हजार 876 और चव्हाण को 67 हजार 752 वोट मिले, यानी 18 हजार 124 वोट की बढ़त। फिर जी. श्रीकांत ने आधिकारिक नतीजा जाहिर कर डॉ. पाटील को विजयी घोषित किया।
गिनती मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे शुरू हुई थी और गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह फाइनल नतीजे तक लगातार 45 घंटे से ज्यादा चली। बैलेट की जांच और छंटाई, पहली पसंद की गिनती, उम्मीदवारों को बाहर करना, अगली पसंद से वोट ट्रांसफर, आखिरी आंकड़ों की जांच और नतीजे की पुष्टि, यह सब निर्णय अधिकारी और निरीक्षक की देखरेख में हुआ। जी. श्रीकांत के मार्गदर्शन में गिनती सुपरवाइजर, सहायक, उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर काम किया। गिनती टीम और बैलेट छंटाई के लिए लगाई गई टीम ने भी अहम जिम्मेदारी निभाई।
गिनती केंद्र और आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने जरूरी बंदोबस्त रखा था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने गिनती के दौरान सुरक्षा संभाली। केंद्र की सुविधाओं, सामान और साफ-सफाई जैसी जरूरी व्यवस्थाओं के लिए लगाए गए अधिकारी, कर्मचारी, सेवक और ठेके पर रखे गए स्टाफ का भी सहयोग मिला। जी. श्रीकांत ने चुनाव निरीक्षक, गिनती में शामिल सभी अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस प्रशासन और मददगार टीमों का सहयोग के लिए आभार जताया।
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