नागपुर MLC चुनाव: काउंटिंग सेंटर के CCTV बंद करने पर हेड कांस्टेबल वानखेड़े निलंबित
नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिट्यूएंसी चुनाव के काउंटिंग सेंटर और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में चूक सामने आई है। वहां करीब 20 मिनट तक CCTV कैमरे बंद रहे, जिसके बाद एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना 26 अक्टूबर की देर रात की है। इसकी जांच चुनाव अधिकारियों और नागपुर सिटी पुलिस ने अलग-अलग की है। एक संवेदनशील चुनावी जगह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इससे सवाल उठे हैं।
निलंबित पुलिसकर्मी की पहचान हेड कांस्टेबल वानखेड़े के रूप में हुई है। वे पुलिस हेडक्वार्टर से जुड़े हैं और काउंटिंग सेंटर पर बंदोबस्त ड्यूटी में तैनात थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गेट के पास की एक तेज हैलोजन लाइट बंद करने की कोशिश में वानखेड़े ने कथित तौर पर एक बिजली का कनेक्शन निकाल दिया। वही कनेक्शन CCTV कैमरों से जुड़ा था, इसलिए कैमरे ऑफलाइन हो गए।
बताया गया है कि यह रात करीब 11 बजे हुआ। वानखेड़े थके हुए थे और ड्यूटी के दौरान आराम करना चाहते थे। आरोप है कि गेट के पास लगी तेज हैलोजन लाइट सीधे उनके चेहरे पर पड़ रही थी। उसे बंद करने के लिए उन्होंने एक कनेक्शन पिन निकाल दी। कथित तौर पर उन्हें यह अंदाजा नहीं था, या उन्होंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया, कि इससे CCTV निगरानी भी रुक जाएगी।
नतीजा यह हुआ कि कैमरे लगभग 20 मिनट तक काम नहीं कर रहे थे। जिस जगह पर चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे नजर रखना जरूरी माना जाता है, वहां निगरानी में कुछ देर के लिए खाली जगह बन गई।
एक उम्मीदवार की आपत्ति से खुली बात
यह चूक तब सामने आई जब एक उम्मीदवार ने चुनाव अधिकारियों के सामने CCTV कैमरे बंद होने पर आपत्ति जताई। इस शिकायत के बाद अधिकारियों ने बंद होने के हालात की जांच की। देखना यह था कि निगरानी रुकने से काउंटिंग सेंटर या स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर कोई असर पड़ा या नहीं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने परिसर में लगे दूसरे चालू कैमरों की फुटेज देखी। बताया गया है कि रिकॉर्डिंग में वानखेड़े कनेक्शन पिन निकालते दिखे। इससे जांचकर्ताओं को यह समझने का आधार मिला कि CCTV सिस्टम कैसे बंद हुआ। इसके बाद चुनाव अधिकारियों और नागपुर सिटी पुलिस ने अलग-अलग जांच की और उनके निष्कर्ष आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजे गए।
पुलिस कमिश्नर ने दिया निलंबन का आदेश
जांच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वास नांगरे पाटील ने हेड कांस्टेबल वानखेड़े को निलंबित करने का आदेश दिया। इस कार्रवाई से दिखता है कि एक संवेदनशील चुनावी जगह पर निगरानी रुकने को अधिकारियों ने कितनी गंभीरता से लिया।
इस घटना से काउंटिंग सेंटर के सुरक्षा इंतजामों पर नजर गई है। CCTV कैमरे आने-जाने पर निगरानी रखने, गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने और बैलेट पेपर के रखरखाव व गिनती के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। थोड़ी देर की रुकावट भी यह सवाल खड़ा कर सकती है कि बिना इजाजत किसी के घुसने या कुछ करने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं।
उपलब्ध जानकारी में घटना की वजह हैलोजन लाइट बंद करने की कोशिश बताई गई है। साथ ही इस मामले ने यह बात सामने रखी है कि संवेदनशील जगहों पर तैनात कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के काम करने का तरीका पता होना चाहिए और तय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि कैमरे बंद रहने के दौरान बैलेट से छेड़छाड़ या कोई और गैरकानूनी गतिविधि हुई। फिर भी इस प्रकरण ने लगातार निगरानी, सही देखरेख और चुनाव से जुड़ी जगहों पर सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन की जरूरत को रेखांकित किया है।
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