नागपुर पदवीधर चुनाव: मतगणना के दिन हाईकोर्ट में याचिका, चुनाव रद्द करने की मांग
नागपुर विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दिन मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में चुनाव रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होनी है।
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नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना आज हो रही है। इसी दिन मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में एक याचिका पर सुनवाई होने वाली है, जिसमें यह चुनाव रद्द करने की मांग की गई है। याचिका स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवार रहे सचिन काळबांडे ने दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि चुनाव के नियम के हिसाब से चुनाव आयोग को उम्मीदवारी का आवेदन भरने के आखिरी दिन, यानी 6 अक्टूबर को, अंतिम मतदाता सूची जारी करनी थी। आरोप है कि यह सूची 6 अक्टूबर को जारी नहीं हुई, बल्कि 11 अक्टूबर को जारी की गई।
इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि आखिरी दौर में 98 हजार मतदाताओं के नाम एक साथ, एक गड्डी की तरह मतदाता सूची में जोड़ दिए गए। इन मतदाताओं की पात्रता की जांच किए बिना जल्दबाजी में उनके नाम सूची में डाले गए। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस वजह से मतदाता सूची और मतदान की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता खत्म हो गई।
याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि आखिरी वक्त पर हड़बड़ी में नाम जोड़े गए, इसी वजह से हजारों की संख्या में दोहरे मतदाता (Duplicate Voters) सूची में रहे और बोगस मतदान भी हुआ। आज दोपहर इस याचिका पर नागपुर खंडपीठ में सुनवाई होने की संभावना है। अब चुनाव आखिरी दौर में है, ऐसे में कोर्ट इस याचिका को कितनी अहमियत देती है, यह देखना होगा।
मतगणना की प्रक्रिया को लेकर बताया गया है कि सबसे पहले हर बैलेट बॉक्स यानी मतपेटी से सारे वोट बाहर निकाले जाएंगे। संबंधित मतदान केंद्र का अधिकारी उस बॉक्स के लिए फॉर्म नंबर 16 (1) में दर्ज संख्या से असल मतपत्रों की संख्या मिलाएगा। उसी वक्त हर बॉक्स के वोटों की 25-25 की गड्डियां बनाई जाएंगी, और गड्डियां बनाते समय वोट की घड़ी (फोल्ड) नहीं खोली जाएगी।
इसके बाद सारी गड्डियां एक बड़े टब में मिला दी जाएंगी। यानी कुल 1 लाख 65 हजार 541 वोट टब में मिलाए जाएंगे। फिर मतगणना की हर टेबल पर 25-25 की गड्डियों के रूप में 1000 वोट गिनती के लिए दिए जाएंगे। नागपुर की मतगणना के लिए 84 टेबल हैं, इसलिए पहले राउंड में 84 हजार वोट गिनती के लिए आएंगे।
पहले राउंड में हर टेबल पर आए 1000 वोट खोले जाएंगे। जिस उम्मीदवार को पहली पसंद का वोट होगा, वह उस उम्मीदवार के नाम वाले पिजन बॉक्स में डाला जाएगा। ये उम्मीदवारों के नाम वाले गत्ते के छोटे-छोटे बॉक्स होते हैं। इसी वक्त अवैध वोट अलग रख दिए जाएंगे।
दूसरे राउंड में फिर सभी 84 टेबल पर 1-1 हजार वोट गिनती के लिए दिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पहले राउंड जैसी ही होगी और पहली पसंद के क्रम से वोट उम्मीदवारों के पिजन बॉक्स में डाले जाएंगे। दूसरे राउंड के आखिर में सारे अवैध वोट अलग हो जाने से जीत का कोटा तय होगा।
अगर पहले दोनों राउंड में मिलाकर कोई उम्मीदवार जीत के कोटे तक पहुंच गया, तो चुनाव आयोग की इजाजत से उसे विजयी घोषित किया जाएगा। अगर पहली पसंद के वोटों से कोई भी उम्मीदवार कोटे तक नहीं पहुंचा, तो एलिमिनेशन का राउंड शुरू होगा। इसमें पहली पसंद के वोटों में सबसे पीछे रहे उम्मीदवार को बाहर किया जाएगा और उसके वोटों में जिस उम्मीदवार को दूसरी पसंद मिली थी, वह वोट उसे ट्रांसफर होगा। इसी तरह एक-एक उम्मीदवार को बाहर करते हुए गिनती तब तक चलेगी, जब तक कोई उम्मीदवार जीत का कोटा न छू ले।
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