नागपुर पदवीधर चुनाव की गिनती दूसरे दिन तक जा सकती है, 238 डाक मतों में 34 अवैध
मानकापुर के क्रीडा संकुल में शुरू हुई मतगणना के पहले ही चरण में डाक मतपत्रों की गिनती हुई। 34 मत अवैध निकले, जिससे पहली वरीयता का कोटा तय नहीं हो पाया।
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नागपुर विभागीय स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के बहुचर्चित चुनाव की मतगणना मानकापुर के क्रीडा संकुल में शुरू हो चुकी है। गिनती की शुरुआत डाक मतपत्रों से हुई। कुल 238 पोस्टल मतों में से 34 मत अवैध घोषित कर दिए गए।
डाक मतदान में ही अवैध मतों का अनुपात इतना ज्यादा निकला है कि सीधे मतदान में भी बड़ी संख्या में मत अवैध होने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से पहली वरीयता के मतों का जरूरी कोटा अभी तक तय नहीं हो पाया है।
आंकड़ों के मुताबिक इस चुनाव में पहली वरीयता के आधार पर जीतने के लिए उम्मीदवार को लगभग 80 हजार मतों का कोटा पार करना होगा। लेकिन मुकाबला बेहद कड़ा है और अवैध मतों की आशंका भी है, इसलिए कहा जा रहा है कि पहली वरीयता में ही किसी उम्मीदवार का चुना जाना मुश्किल है। अगर पहली वरीयता में कोटा पूरा नहीं हुआ तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती करनी पड़ेगी।
यह प्रक्रिया काफी वक्त लेने वाली है। इसलिए इस चुनाव का अंतिम नतीजा बुधवार सुबह तक आने की प्रबल संभावना है।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के विधायक अभिजीत वंजारी के बीच सीधा है। मतगणना स्थल पर दोनों उम्मीदवारों ने अपनी जीत का ठोस दावा किया है। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नितेश कराले ने दावा किया है कि पहले दौर में ही उन्हें 40 से 45 हजार मत मिलेंगे और वह पहले दौर में ही चुने जाएंगे।
भाजपा ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद दो दिन नागपुर में डेरा डालकर बैठे रहे।
भाजपा के लिए यह बदले की लड़ाई भी है। पिछली बार यह सीट अभिजीत वंजारी ने भाजपा से छीनकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यह हार भाजपा को चुभ रही थी, इसलिए इस बार पार्टी ने बेहद सटीक योजना बनाई और ध्यान रखा कि कहीं कोई सेंध न लगे। बागी अनिल सोले को मनाने के लिए मुख्यमंत्री खुद उनके घर गए थे। उनके प्रयास सफल भी रहे। फिर भी जताई जा रही संभावना है कि इस नतीजे के बाद भाजपा के अंदरूनी घमासान और नाराजगी सामने आ सकती है।
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