नागपुर पदवीधर सीट: दूसरी गिनती में पलटी बाजी, कोहले 4,294 वोट से आगे, कोटा अभी दूर
दूसरे राउंड की गिनती के बाद भाजपा के सुधाकर कोहले 60,924 वोट के साथ कांग्रेस के अभिजीत वंजारी से आगे निकले, पर 75,438 का कोटा किसी ने पार नहीं किया।
नागपुर विभाग की पदवीधर सीट पर वोटों की गिनती में दूसरे राउंड के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले राउंड में कांग्रेस के विधायक अभिजीत वंजारी आगे थे, लेकिन अब भाजपा के सुधाकर कोहले ने उनसे बढ़त छीन ली है। 28 अक्टूबर 2026 को चुनाव अधिकारियों ने जो आंकड़े जारी किए, उनके मुताबिक कोहले अब वंजारी से 4,294 वोट आगे हैं। फिर भी कोई उम्मीदवार जीत के कोटे तक नहीं पहुंचा है, इसलिए नतीजे का इंतजार अभी बाकी है।
दूसरे राउंड के आंकड़े ये हैं। भाजपा के सुधाकर विठ्ठलराव कोहले को पहले राउंड में 28,071 वोट मिले थे। दूसरी पसंद के 32,853 वोट जुड़ने से उनके कुल वोट 60,924 हो गए। कांग्रेस के अभिजीत गोविंदराव वंजारी को पहले राउंड में 28,998 वोट मिले थे। दूसरे राउंड में 27,632 वोट और मिले, तो उनका कुल आंकड़ा 56,630 पर पहुंचा। अकेले दूसरे राउंड को देखें तो कोहले को वंजारी से 5,221 वोट ज्यादा मिले। यही इस राउंड का सबसे बड़ा फर्क रहा।
तीसरे नंबर पर निर्दलीय नितेश बालकृष्णजी कराले हैं। उन्हें पहले राउंड में 14,708 और दूसरे में 9,541 वोट मिले, यानी कुल 24,249। बाकी उम्मीदवारों का हाल यह है: संजय थुल के कुल 3,091 वोट हैं (1,762 और 1,329)। सुमेध बौद्ध गडपायले के 1,096 हैं (521 और 575)। मंगेश छत्रपति वानखेडे के 1,029 हैं (642 और 387)। अतुल देशमुख के 921 हैं (576 और 345)। धनंजय तुलशीराम बोरकर के 849 हैं (612 और 237)। आंकड़ों से लगता है कि कराले के वोटरों की दूसरी पसंद ज्यादातर भाजपा की तरफ गई। इसी वजह से कोहले को यह उछाल मिला। हालांकि इसका ठीक-ठीक स्रोत जानने के लिए पसंद के हिसाब से ट्रांसफर का पूरा डेटा चाहिए होगा।
जीत के लिए कोटा 75,438 वोट तय किया गया है। यह कुल वैध वोट का आधा लेकर उसमें एक जोड़ने से निकलता है। दूसरे राउंड के बाद कुल पड़े वोट 1,65,906 हैं, जिनमें 1,50,874 वैध और 15,032 रिजेक्ट हुए हैं। कोहले को कोटा छूने के लिए अभी 14,514 वोट और चाहिए, जबकि वंजारी को 18,808 की जरूरत है। अब आगे की गिनती और सबसे कम वोट वाले उम्मीदवारों के वोटों के ट्रांसफर से ही अंतिम नतीजा तय होगा। कोहले की बढ़त बनी रहती है या नहीं, यह अगले चरण में पता चलेगा।
पहले राउंड की आधिकारिक गिनती शीट पर नजर डालें तो उसमें कुल 84,003 वोट दर्ज थे। इनमें 76,875 वैध और 7,128 अवैध निकले। वंजारी को 927 वोट की बढ़त मिली थी, मगर तब भी साफ था कि सिर्फ इतने से बात नहीं बनेगी। पदवीधर चुनाव में वरीयता वाली वोटिंग होती है, इसलिए कोटा पूरा न होने पर दूसरी पसंद के वोट गिनने पड़ते हैं। गिनती के दौरान कई तरह के रुझान और अनुमान भी चले थे। एक खबर में आधी गिनती के वक्त वंजारी को सात से आठ हजार वोट की बढ़त बताई गई थी। एक और खबर में पहले राउंड में कोहले को करीब 4000 की बढ़त बताई गई थी। लेकिन आधिकारिक शीट में पहले राउंड में वंजारी 927 वोट से आगे थे। कराले ने दावा किया था कि उन्हें पहले ही दौर में 40 से 45 हजार वोट मिलेंगे। इसके लिए उन्होंने वोटिंग के बाद लोगों से मिले फीडबैक को आधार बताया था। असल में उन्हें पहले राउंड में 14,708 वोट ही मिले।
गिनती का काम मंगलवार सुबह 8 बजे मानकापुर के डिवीजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुरू हुआ। वहां 84 टेबल लगाई गई थीं। हर टेबल पर एक बार में करीब 1,000 बैलेट पेपर संभालने की तैयारी थी। 38 उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग डिब्बे रखे गए और संदिग्ध बैलेट के लिए एक और डिब्बा, यानी कुल 39 डिब्बे। सबसे पहले पोस्टल बैलेट अलग किए गए और उनकी जांच हुई। असली गिनती दोपहर करीब 2 बजे शुरू होने की उम्मीद थी। कुल 238 पोस्टल बैलेट में से 34 अवैध निकले और 204 वैध रहे। इनमें वंजारी को 101 और कोहले को 86 वोट मिले, यानी वंजारी 15 वोट आगे रहे। पोस्टल में इतने अवैध वोट देखकर अंदेशा जताया गया था कि आम बैलेट में भी रिजेक्ट वोट ज्यादा हो सकते हैं।
इस सीट पर 2,55,603 वोटर पंजीकृत थे और 1,65,672 ने वोट डाला। जिलों में चंद्रपुर में 73.05 प्रतिशत वोट पड़े, जो सबसे ज्यादा है। उसके बाद गढ़चिरौली में 72.95, गोंदिया में 71.29, वर्धा में 68.35 और भंडारा में 67.07 प्रतिशत रहा। नागपुर जिले में सबसे कम, 60.35 प्रतिशत मतदान हुआ।
भाजपा के लिए यह सीट इज्जत का सवाल बन गई थी। पिछली बार 2020 में वंजारी ने संदीप जोशी को हराया था। तब वंजारी को 61,701 और जोशी को 42,791 वोट मिले थे, यानी 18,919 वोट की जीत हुई थी। 1978 के बाद पहली बार और 42 साल बाद यह सीट कांग्रेस के हाथ आई थी। इस बार भाजपा ने बारीकी से तैयारी की। बागी अनिल सोले को मनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दो दिन नागपुर में रुके और सोले के घर तक गए। गिनती की जगह पर कोहले और वंजारी, दोनों ने अपनी जीत का पक्का भरोसा जताया। राजनीतिक जानकार कहते रहे हैं कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के बागी कराले की वजह से दोनों बड़ी पार्टियों को नुकसान हो रहा है। भाजपा के अंदर की नाराजगी भी नतीजे के बाद खुलकर सामने आने की चर्चा है।
उधर राज्य की पांच विधान परिषद सीटों की गिनती चल रही है। रुझानों में पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावंडे और अमरावती शिक्षक सीट पर शिंदे गुट की शिवसेना के किरण सरनाईक आगे चल रहे हैं। मराठवाड़ा पदवीधर सीट पर शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटील आगे हैं और अजित पवार गुट के सतीश चव्हाण पीछे हैं।
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