न्यायिक हिरासत में जेल पहुंचा ब्लैकमेलर भागचंदानी
आरटीआई की आड़ में व्यापारियों से वसूली करोड़ों वसुले, रैकेट में शामिल अन्य चेहरों पर भी शिकंजे का खतरा
नागपुर.
ब्लैकमेलिंग और हफ्ता वसूली में गिरफ्तार कुख्यात प्रमोद भागचंदानी को अदालत ने सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. भागचंदानी के खिलाफ हाल के दिनों में जरीपटका, सीताबर्डी, तहसील और पांचपावली पुलिस थानों में हफ्ता वसूली, धमकी और एट्रोसिटी से जुड़े 6 मामले दर्ज होने की जानकारी है. इनमें से तीन मामलों में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है.
आरटीआई की आड़ में करता था वसूली
भागचंदानी सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून का दुरुपयोग कर शहर के सैकड़ों व्यापारियों के कथित अवैध निर्माणों से संबंधित जानकारी जुटाता था. इसी आधार पर उन्हें निशाना बनाकर वसूली करता था. कारोबारियों पर कार्रवाई का भय दिखाकर दबाव बनाया जाता था. भागचंदानी की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. उत्तर नागपुर के अपराधी और फर्जी समाजसेवक भी इस गतिविधि में शामिल है. वह लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर वसूली करते थे. इन्हें भी कार्रवाई का भय सता रहा है. यह लोग भागचंदानी की पेशी के दौरान अदालत परिसर में जुटते है. पांचपावली में दर्ज एट्रोसिटी मामले के पीड़ित को धमकाने के आरोप में चर्चा में आए पाटिल को अपने साथियों के साथ शनिवार को अदालत परिसर के बाहर देखा गया था. सदर पुलिस ने पाटिल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है. आज की पेशी के दौरान उत्तर नागपुर का एक मेडिकल स्टोर संचालक भी अपने साथियों के साथ अदालत परिसर पहुंचा था. दावा किया जा रहा है कि इन लोगों के भागचंदानी से आर्थिक संबंध हैं और कथित वसूली से हासिल रकम ब्याज पर चलाने का काम किया जाता था.
मकोका लगाने की उठ रही है मांग
भागचंदानी के खिलाफ शिकायत करने वाले कुछ पीड़ितों ने कथित ब्लैकमेलिंग और वसूली नेटवर्क में शामिल लोगों के विरुद्ध महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी उजागर की जानी चाहिए. भागचंदानी के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में कुछ शिकायतें लंबित होने की बात सामने आई है। यदि जांच में इन शिकायतों के आधार पर नए मामले दर्ज होते हैं, तो उसे अन्य थानों की पुलिस हिरासत में भी जाना पड़ सकता है.
फार्म हाउस में होता था ऐशो-आराम
भागचंदानी रैकेट का नारा में एक फार्म हाउस है. उसमें रैकेट के सदस्य ऐशो-आराम करते थे. इस पार्टी में भरोसेमंद लोगों को ही इंट्री दी जाती थी. इस पार्टी की सच्चाई उत्तर नागपुर की एक महिला को पता है. यह महिला हाल में दाभा में रहती है. उस महिला के सामने आने पर भुचाल मच सकता है. यह फार्म हाउस जरीपटका के एक व्यापारी का बताया जाता है. इस व्यापारी ने भी उगाही में भागचंदानी की मदद की है.
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