विधान परिषद की 5 सीटों पर देर रात तक कांटे की टक्कर, नागपुर और पुणे पर सबकी नजर
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मंगलवार को शुरू हुई मतगणना में नागपुर, अमरावती, मराठवाड़ा और पुणे की सीटों पर महायुति और महाविकास आघाड़ी आमने-सामने रहे। नतीजे बुधवार तड़के तक आने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना शुरू हुई और देर रात तक बढ़त बदलती रही। राज्य की सत्तारूढ़ महायुति सरकार के लिए इन चुनावों को अग्निपरीक्षा माना जा रहा है। असली तस्वीर बुधवार तड़के तक ही साफ होने की उम्मीद है।
यह खबर लिखे जाने तक हर सीट पर महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी। वोटिंग 23 अक्टूबर को हुई थी। इसमें स्नातक की 3 सीटें और शिक्षक विधायक की 2 सीटें शामिल हैं।
सबसे ज्यादा नजर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहक्षेत्र नागपुर पर रही। यहां भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच नजदीकी मुकाबला दिखा। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट छीन ली थी, जो 52 साल से भाजपा के कब्जे में थी। तब पार्टी की काफी किरकिरी हुई थी। इस बार भाजपा ने सीट को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर कई समीकरण बैठाए थे।
कांग्रेस विधायक वंजारी को रोकने के इरादे से राकां पवार गुट के बागी नितेश कराले को मैदान में उतारा गया था। भाजपा ने अपने बागी अनिल सोले को मना लिया था, पर देर रात तक नतीजों में इसका असर नजर नहीं आया। दूसरे राउंड में भी दोनों के बीच कड़ी टक्कर रही।
अमरावती शिक्षक सीट पर तिकोना मुकाबला रहा। शिंदे गुट के विधायक किरण सरनाईक अपनी सीट बचाने के लिए जूझते दिखे। पहले राउंड में उन्होंने बढ़त बनाई थी। निर्दलीय श्रीकांत देशपांडे दूसरे नंबर पर थे और कांग्रेस की उम्मीदवार अदिति पोहरे तीसरे नंबर पर। दूसरे राउंड में सरनाईक ने निर्णायक बढ़त ले ली।
मराठवाड़ा में अजीत पवार गुट के विधायक सतीश चव्हाण की राह मुश्किल लग रही थी। राकां पवार गुट के डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने पहले राउंड में उन्हें काफी पीछे छोड़ दिया था। दूसरे राउंड में चव्हाण ने करीब 7000 वोट से ज्यादा की बढ़त बना ली। उद्धव गुट की मशाल पर लड़ रहे दिलीप घुगे ने 10,926 वोट लेकर समीकरण बिगाड़ दिए।
पुणे शहर की स्नातक सीट पर राकां पवार गुट की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख की अचानक आई बढ़त ने सबको चौंका दिया। भाजपा ने बड़ी उम्मीदों से यहां स्मिता जाधव को उतारा था, लेकिन देर रात तक के आंकड़ों में भाजपा के समीकरण बिगड़ते दिख रहे थे। पुणे में पवार का दबदबा अब भी है या नहीं, यह अंतिम नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। पुणे की शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावडे आगे चल रहे थे और कांग्रेस के जयत आसगांवकर दूसरे नंबर पर थे।
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