कराळे मास्टर को पार्टी से निकाला गया, फिर भी 24 हजार से ज्यादा वोट; विद्या चव्हाण बोलीं
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नागपुर पदवीधर चुनाव में नितेश कराळे को 24,249 पहली पसंद के वोट मिले। मतदान से कुछ घंटे पहले उन्हें शरद पवार गुट से छह साल के लिए निकाला गया था।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना 30 घंटे से ज्यादा वक्त से चल रही है और अब आखिरी दौर में पहुंच गई है। गिनती मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू होनी थी, लेकिन बैलेट पेपर अलग-अलग करने में वक्त लगा और असल गिनती दोपहर चार बजे जाकर शुरू हुई।
पहले राउंड में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी आगे थे। बुधवार तड़के दूसरा राउंड खत्म होने तक भाजपा के सुधाकर कोहले ने बढ़त ले ली। किसी भी उम्मीदवार को पहली पसंद के वोटों का तय कोटा नहीं मिला, इसलिए सुबह से दूसरी पसंद के वोट गिने जा रहे हैं। अब तक सुधाकर कोहले को 61,215 और अभिजीत वंजारी को 57,052 वोट मिले हैं। कोहले 4,163 वोटों से आगे चल रहे हैं।
इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे नितेश कराले, जिन्हें लोग कराले मास्टर के नाम से भी जानते हैं। उन्होंने पहली पसंद के 24,249 वोट हासिल किए। कई लोग उनके इस प्रदर्शन की तारीफ कर रहे हैं। इसी बीच शरद पवार गुट की तरफ से भी पहली प्रतिक्रिया आई है। गुट की नेता विद्या चव्हाण ने कराले के बारे में बात की।
विद्या चव्हाण ने कहा कि किसी को इस तरह पार्टी से निकाला न जाए और कार्यकर्ता भी पार्टी पर ऐसी नौबत न आने दें। कराले मास्टर के बारे में इससे ज्यादा बोलने से उन्होंने मना कर दिया।
नितेश कराले को मतदान से कुछ घंटे पहले छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया था। उन पर आरोप था कि महाविकास अघाड़ी के अधिकृत उम्मीदवार का प्रचार करने के बजाय उन्होंने खुद चुनाव लड़कर पार्टी अनुशासन तोड़ा और यह भ्रम फैलाया कि शरद पवार गुट का उन्हें समर्थन है।
पार्टी के इस फैसले से कराले को गहरी चोट पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला, जिसमें वे फूट-फूटकर रोए। उन्होंने कहा था कि वे पवार साहब का सम्मान करते हैं और उनसे बहुत कुछ सीखा है, लेकिन उन पर की गई कार्रवाई उन्हें गलत लगती है। कराले ने कहा था कि छह जिलों में मैं अकेला टिका रहा, इसलिए दबाव डालकर कार्रवाई की जा रही है।
उधर राष्ट्रवादी शरदचंद्र पवार गुट के पुणे से हर्षदा जाधव और छत्रपति संभाजीनगर से प्रतापसिंह पाटील जीत की दहलीज पर हैं। इस पर पूर्व सांसद और शरद पवार गुट की नेता विद्या ताई चव्हाण ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। उनके मुताबिक जिन्हें लगता था कि राष्ट्रवादी खत्म हो गई, उन्हें अब समझ आ गया होगा कि महाराष्ट्र में शरद पवार का दबदबा आज भी कायम है। विद्या चव्हाण ने यह भी कहा कि जहां पढ़े-लिखे वोटर हैं, वहां पवार साहब पर भरोसा आज भी बना हुआ है, और चुनाव आयोग की गड़बड़ी का असर भी इस चुनाव पर दिखा।
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