नागपुर पदवीधर सीट: कराळे के रोते वीडियो से बदलेगा खेल? बीजेपी और कांग्रेस दोनों को जीत की उम्मीद
नागपुर पदवीधर सीट पर गिनती जारी है। कराळे के रोते वीडियो और दूसरी पसंद के वोटों से नतीजा पलट सकता है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और पदवीधर चुनाव की वोटों की गिनती आज हो रही है। पुणे शिक्षक, पुणे पदवीधर, नागपुर पदवीधर, अमरावती शिक्षक और छत्रपति संभाजीनगर पदवीधर, यानी पांच जगहों पर यह चुनाव हुआ है। इनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का होमग्राउंड माने जाने वाला नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के लिए नागपुर में 60 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं चंद्रपुर, गोंदिया और गडचिरोली में 71 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े थे। इन इलाकों में कांग्रेस का दबदबा है, इसलिए कांग्रेस को भरोसा है कि इसी वोटिंग के दम पर उसे जीत मिल सकती है।
उधर बीजेपी को भी अपनी जीत का पूरा यकीन है। पार्टी का कहना है कि इस चुनाव के लिए जो रणनीति बनाई गई थी, उसे जमीन पर उतारने में वह कामयाब रही। पूरी बीजेपी एकजुट होकर मैदान में उतरी थी। आखिरी दौर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी और चंद्रशेखर बावनकुले, तीनों प्रचार के लिए आए थे। माना जा रहा है कि इसका असर वोटरों पर पड़ा। साथ ही बीजेपी ने अपने विधायकों और पार्षदों को अलग-अलग जिम्मेदारियां बांट दी थीं, इसलिए पार्टी को जीत का भरोसा है।
नागपुर पदवीधर सीट पर बीजेपी के सुधाकर कोहले, कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले मैदान में हैं। वोटिंग से कुछ घंटे पहले शरद पवार गुट ने नितेश कराले को पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया था। पार्टी के इस फैसले से कराले को गहरी चोट पहुंची। उन्होंने वोटिंग से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर फूट-फूटकर रोते हुए एक वीडियो डाला था। कराले मास्टर के इस इमोशनल दांव का वोटिंग के दिन उन्हें फायदा मिलने की काफी संभावना है।
बीजेपी के शुरुआती सर्वे में अंदाजा लगाया गया था कि नितेश कराले को पहली पसंद के 15000 वोट मिल सकते हैं। अब सवाल यह है कि ये 15000 वोटर दूसरी पसंद का वोट किसे देंगे। नागपुर पदवीधर चुनाव का नतीजा इसी पर बदल सकता है।
अगर नतीजा पहली पसंद के वोटों से ही तय हो गया तो ज्यादा सवाल खड़े नहीं होंगे। लेकिन अगर विजेता चुनने के लिए दूसरी पसंद के वोट गिनने की नौबत आई, तो प्रक्रिया पेचीदा हो जाएगी और गिनती काफी लंबी खिंच सकती है। दूसरी पसंद के वोटों में किसे कितनी तरजीह मिली है, इसका सही अंदाजा किसी भी राजनीतिक पार्टी को नहीं है। इसलिए अगर फैसला दूसरी पसंद के वोटों पर हुआ तो नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में चौंकाने वाला नतीजा आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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