इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की दिल्ली रैली को कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राहुल गांधी ने छात्र संगठनों से रैली में आने को कहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी के समर्थक रामलीला मैदान की रैली में शामिल हो सकते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रैली को अपना समर्थन दिया है। यह 'दिल्ली चलो' मोर्चा रामलीला मैदान में होना है। राहुल गांधी ने विद्यार्थी संगठनों से इस मोर्चे में आने की अपील की है। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा था कि सीजेपी रैली में शामिल होगी या नहीं। इस पर पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने जवाब दिया है।
रांका ने कहा कि पार्टी के समर्थक रामलीला मैदान में होने वाली रैली में जा सकते हैं। सीजेपी ने इंडिया गठबंधन की रैली में शामिल होने के संकेत भी दिए हैं और इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं से राय मांगी जा रही है।
राहुल गांधी ने युवाओं से कहा है कि पुलिस के लाठीचार्ज की चिंता न करें और डरने की जरूरत नहीं है। एक वीडियो के जरिए उन्होंने मोर्चे में आने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि यह मोर्चा किसी एक राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को बचाने के लिए है। उनके मुताबिक यह मोर्चा भारतीय संविधान और देश की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी ने कहा कि 1 नवंबर का मोर्चा लोकतंत्र को बचाने, वोट चोरी रोकने और संविधान की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जिसे भी लगता है कि देश का लोकतंत्र, संविधान, विचार और अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है, वह इस मोर्चे में शामिल हो।
रैली की तैयारी को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई। प्रियंका गांधी समेत गठबंधन के कई नेता इसमें मौजूद थे। इंडिया गठबंधन और सीजेपी की तरफ से लगातार एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन किए जा रहे हैं। दोनों पार्टियों की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ रही है।
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' शुक्रवार को दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम करने वाला है। राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता इसमें शामिल होंगे। दूसरी जगहों पर इजाजत नहीं मिलने के कारण यह कार्यक्रम अब दोपहर 3:30 बजे 10 राजाजी मार्ग पर होगा। यह कार्यक्रम 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की सभा से पहले होगा।
सार्वजनिक महाभियोग में जनता या राजनीतिक पार्टियां किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आंदोलन करती हैं। इससे उनके कामकाज के तरीके पर सवाल उठाया जाता है और इस्तीफे की मांग के साथ जनता का दबाव बनाया जाता है।
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 प्रदर्शन किए। 'कॉकरोच जनता पार्टी' और वामपंथी पार्टियों ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेड लगाए गए, 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और 7,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।