नागपुर स्नातक सीट की गिनती मानकापुर में शुरू, 38 उम्मीदवार, 84 टेबल
विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार सुबह 8 बजे मानकापुर इनडोर स्टेडियम में शुरू हुई।
विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वोटों की गिनती मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे मानकापुर इनडोर स्टेडियम में शुरू होगी। नतीजे को लेकर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की निगाहें अब इसी मतगणना केंद्र पर टिकी हैं।
प्रशासन ने गिनती के लिए 84 टेबल लगाने की तैयारी की है। इन टेबलों पर 400 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी काम संभालेंगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त भी रहेगा।
चुनाव निर्णय अधिकारी और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के मुताबिक इस सीट पर कुल 38 उम्मीदवार मैदान में हैं। संभाग के छह जिलों में 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे।
उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से नागपुर जिले में 60.35 प्रतिशत, भंडारा में 67.07 प्रतिशत, गोंदिया में 71.29 प्रतिशत और वर्धा में 68.35 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। चंद्रपुर में 73.05 प्रतिशत और गढ़चिरोली में 72.95 प्रतिशत वोट पड़े।
गिनती नियमों के हिसाब से और पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए सोमवार को विभागीय क्रीड़ा संकुल में अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग रखी गई थी। चुनाव निरीक्षक डॉ. हर्षदीप कांबले और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने स्टाफ को गिनती के नियम और अपनी जिम्मेदारियां समझाईं।
यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ है। इसलिए मतपत्रों की वैधता की जांच, उनकी छंटाई और वोटों की गिनती तय नियमों और वरीयता क्रम के हिसाब से होगी। अगर पहली पसंद के वोटों की गिनती में किसी उम्मीदवार को तय 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल गए, तो नतीजा उसी चरण में घोषित हो सकता है। लेकिन गिनती में ज्यादा वक्त लगा या आगे के चरणों की जरूरत पड़ी, तो अंतिम नतीजा 28 अक्टूबर को भी घोषित हो सकता है।
इस बीच गिनती से पहले बहुजन वंचित आघाडी के उम्मीदवार मंगेश वानखेड़े ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 25 अक्टूबर को जिस स्ट्रांग रूम में मतपेटियां रखी गईं, उसके आसपास लगे 14 से 15 CCTV कैमरे करीब डेढ़ घंटे बंद रहे।
वानखेड़े ने कहा है कि वे इसकी शिकायत राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी से करेंगे। उन्होंने पूछा कि एक ही वक्त में इतने कैमरे कैसे बंद हो गए और उस दौरान मतपेटियों की हिफाजत के लिए क्या दूसरा इंतजाम किया गया था। उन्होंने तकनीकी खराबी की असली वजह बताने की मांग भी की है।
यह आरोप उम्मीदवार की ओर से लगाया गया है। कैमरे क्यों बंद रहे और उस दौरान सुरक्षा कैसी थी, इस पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
चुनाव निरीक्षक कांबले और विभागीय आयुक्त बिदरी ने मतगणना केंद्र का मुआयना किया। उन्होंने टेबलों, स्ट्रांग रूम, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों के बैठने की जगह और गाड़ियों की पार्किंग का जायजा लिया। प्रशासन का जोर एंट्री पर कंट्रोल, भीड़ के इंतजाम और सुरक्षा पर है, ताकि गिनती शांति से पूरी हो सके।
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