गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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कर्जत के सायडोंगर में पेड़ कटाई देखने पहुंचे सपकाल, कोर्ट जाने की चेतावनी दी

कर्जत के सायडोंगर में पेड़ कटाई देखने पहुंचे सपकाल, कोर्ट जाने की चेतावनी दी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को सायडोंगर पहुंचकर टोरंट कंपनी के प्रोजेक्ट के लिए हो रही पेड़ कटाई देखी और कहा कि जरूरत पड़ी तो जंगल बचाने के लिए कोर्ट जाएंगे।

कर्जत के सायडोंगर इलाके में हुई पेड़ कटाई को लेकर माहौल गरम है। पर्यावरण प्रेमी, स्थानीय लोग और राजनीतिक विरोधी राज्य सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपना चुके हैं। राज्य में पहले से सूखे जैसे हालात हैं और ऐसे में पेड़ काटे जाने पर लोगों में काफी गुस्सा दिख रहा है। अब इस मामले में कांग्रेस भी उतर आई है और उसने भी राज्य सरकार को घेरा है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को सायडोंगर का दौरा किया। टोरंट कंपनी के लिए कर्जत भीमाशंकर के जंगल में जो पेड़ काटे जा रहे हैं, उसका उन्होंने मौके पर जाकर जायजा लिया। वहां के गांव वालों से बात करके उन्होंने जानकारी भी ली। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो कर्जत भीमाशंकर की वन संपदा को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

सपकाल ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन विरासत वाले सह्याद्रि की गोद में जो समृद्ध वन संपदा है, उस पर भाजपा महायुति सरकार ने कुल्हाड़ी चला दी है। भ्रष्टाचार की मलाई खाने के चक्कर में गुजरात की एक कंपनी को सह्याद्रि बेच दिया गया है। सह्याद्रि की विरासत बेचने की भाजपा महायुति सरकार की कोशिश को महाराष्ट्र की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सारे मंसूबे हम नाकाम करेंगे।"

पेड़ों की कटाई और वृक्षारोपण को लेकर सपकाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का हवाला दिया। उनके मुताबिक, "टोरंट कंपनी के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' का संकल्प किया है, पर महाराष्ट्र में पेड़ों की कटाई हो रही है। प्रधानमंत्री का संकल्प हमने आज कर्जत के जंगल में पौधे लगाकर पूरा किया।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में गले तक डूबी है, महाराष्ट्र को बेचने पर तुली है और अब कमीशन के लिए प्रकृति को भी बेचने निकल पड़ी है।

सपकाल का कहना था कि कर्जत भीमाशंकर के जंगल में बन रहा यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट से हजारों रोजगार बनने और इन पेड़ों की जगह दूसरी जगह लाखों पेड़ लगाने की जो बातें कही जा रही हैं, वे सिर्फ खोखली घोषणाएं हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसी सरकार ने पहले 33 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प किया था, उसका क्या हुआ, और कहा कि उनमें से एक भी पेड़ किसी ने नहीं देखा। सपकाल ने यह भी कहा कि सरकार इस प्रोजेक्ट को अत्याधुनिक बता रही है, तो फिर हजारों रोजगार कहां से आएंगे। उनके मुताबिक भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री फडणवीस की बातों पर किसी को भरोसा नहीं है, और वे महाराष्ट्र को गुमराह कर रहे हैं और फेक नैरेटिव फैला रहे हैं।

विधान परिषद के नतीजों पर भी सपकाल ने बात की। उन्होंने कहा कि राज्य में विधान परिषद की 5 सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने नागपुर, पुणे और संभाजीनगर की तीन सीटें जीतकर महायुति सरकार को करारी शिकस्त दी। सपकाल के मुताबिक, नतीजे आ ही रहे थे कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जल्दबाजी में कांग्रेस को चिढ़ाने वाले ट्वीट किए, लेकिन नतीजे आते ही उन्हें वे ट्वीट डिलीट करने पड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद प्रतिष्ठा का पद है और नरेंद्र मोदी का ऐसी छिछोरी हरकत करना पद को शोभा नहीं देता।

सपकाल ने यह भी कहा कि संघ की भूमि नागपुर में, मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अपने शहर में ही सत्ता पक्ष को लगातार दसवीं बार हार का स्वाद चखना पड़ा। उनके अनुसार यह नतीजा सत्ता के अहंकार को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि फडणवीस ने नागपुर के चुनाव में खुद पूरी ताकत झोंक दी थी, फिर भी नागपुर में ही उनकी नाक कट गई, और यह नतीजा बदलाव की शुरुआत है।

आगे के कार्यक्रम के बारे में बताया गया है कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पालघर जिले के वाढवण बंदर पर होने वाले जन आंदोलन में शामिल होंगे। यह आंदोलन वाढवण बंदर के खिलाफ है।

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