भागचंदानी रैकेटे का शिकार हुआ सिविल कॉन्ट्रैक्टर
फर्जी छेड़खानी में फंसाने की धमकी देकर 1.50 लाख की उगाही, दो साथियों पर भी मामला दर्ज, वसूली नेटवर्क में कई चेहरे है शामिल
नागपुर.
छेड़खानी के फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी, मोटी रकम की मांग और लगातार वसूली से घिरे प्रमोद भागचंदानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर को छेड़खानी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर डेढ़ लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया है. पांचपावली पुलिस ने प्रमोद भागचंदानी, कैलाश बोंबले और शेखर पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है. भागचंदानी के खिलाफ हाल के दिनों में यह सातवां मामला बताया जा रहा है.
शिकायतकर्ता संतोष कुमार सिंह पेशे से सिविल कॉन्ट्रैक्टर हैं. वे इंदोरा चौक स्थित पार्वती टाउनवर्स सोसाइटी में रहते हैं. इसी सोसाइटी में भागचंदानी भी रहता है. शिकायत के अनुसार, 24 सितंबर को शेखर पाटिल ने संतोष कुमार को फोन कर बताया कि भागचंदानी के खिलाफ दो मामले दर्ज हुए हैं. इन मामलों में खर्च के लिए दो लाख रुपये की जरूरत है. उसने संतोष कुमार को रुपये नहीं देने पर छेड़खानी के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी गई. उन्हें डराया गया कि भागचंदानी की पत्नी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी.
अपार्टमेंट के बेसमेंट में घेरकर मांगे दो लाख!
फोन पर धमकी देने के बाद कथित तौर पर प्रमोद भागचंदानी, कैलाश बोंबले और शेखर पाटील अपार्टमेंट के बेसमेंट में पहुंचे. वहां संतोष कुमार पर दो लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया. दो-तीन दिन बाद भागचंदानी से भेंट करने उसके इंदौरा चौक स्थित ऑफिस गए. उन्होंने एक लाख रुपए देने की तैयारी दर्शायी. भागचंदानी ने डेढ़ लाख रुपए देने को कहा. यह रुपये लेने के बाद उसने संतोष कुमार को दो-तीन माह बाद महापुरुष की जयंती के अवसर पर भी एक लाख रुपये देने के लिए कहा गया. यानी कथित तौर पर वसूली का सिलसिला आगे भी जारी रखने का दबाव बनाया गया. संतोष कुमार ने घटना अपनी पत्नी को बताई. आरोपियों की आपराधिक प्रवृत्ति और धमकियों के कारण पत्नी ने उन्हें शिकायत दर्ज नहीं करने को कहा. भागचंदानी के खिलाफ अलग-अलग थानों में हफ्ता वसूली के मामले दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भी हिम्मत जुटाई. संतोष कुमार इससे पहले भी भागचंदानी की धमकियों को लेकर पांचपावली थाने में शिकायत कर चुके थे. भागचंदानी की गिरफ्तारी के बाद वे दोबारा पुलिस के पास पहुंचे और कथित वसूली की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अब तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.
आठ से दस लोगों का है नेटवर्क
इस पूरे प्रकरण में कथित वसूली नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है. बताया जा रहा है कि भागचंदानी के नेटवर्क में आठ से दस लोग शामिल हो सकते हैं. ताजा मामले में भी दो से तीन अन्य लोगों की भूमिका होने का संदेह जताया गया है. इसी बीच, शेखर पाटिल पर बीते सप्ताह एट्रोसिटी मामले के पीड़ित सूरज स्वामी को अदालत परिसर में धमकाने का आरोप भी सामने आया था. इंदोरा चौक में ट्रैफिक ऑफिस के पास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके ऑफिस चलाया जाता है. इस ऑफिस का भागचंदानी और उसके साथी इस्तेमाल करते है. यह ऑफिस हफ्ता वसूली का अड्डा बना हुआ था. भागचंदानी पीड़ित और परिसर के नागरिकों ने मनपा प्रशासन से इस ऑफिस को तत्काल हटाने की मांग की है.
कथित मददगारों की भूमिका की भी जांच हो
भागचंदानी के खिलाफ शिकायत करने वाले पीड़ितों ने कथित वसूली नेटवर्क को मदद पहुंचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि किराना दुकानदार, जूते-चप्पल का व्यापारी, हार्डवेयर कारोबारियों और रेस्टारेंट संचालक भागचंदानी को हफ्ता वसूली में मदद करते थे. इनके माध्यम से भागचंदानी ने करोड़ों रुपयो की उगाही की है. फिलहाल भागचंदानी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। उसके खिलाफ लगातार नए मामले सामने आने से कथित पीड़ितों में शिकायत दर्ज कराने का हौसला बढ़ रहा है. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस कथित वसूली नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना और आरोपों में जिनकी भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है.
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