नागपुर MIDC में बेटी के बैट से पिता की मौत, 17 साल की लड़की हिरासत में, हत्या का केस दर्ज
नागपुर के MIDC थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक 45 साल के आदमी की मौत के मामले में पुलिस ने उसकी नाबालिग बेटी को हिरासत में लिया है।
नागपुर के MIDC थाना इलाके में सोमवार की रात एक घर के अंदर 45 साल के आदमी की मौत हो गई। पुलिस ने उसकी 17 साल की बेटी को हिरासत में लिया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज हुआ है। लड़की नाबालिग है, इसलिए उसका नाम और पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी जा रही। इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप है।
पुलिस के मुताबिक पंचनामा करने के बाद मृतक की पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। नाबालिग होने की वजह से आगे की कानूनी कार्रवाई बाल न्याय कानून के हिसाब से चल रही है। मंगलवार को लड़की को बाल न्याय मंडल के सामने पेश किया गया, जिसने उसे अमरावती जिले के लड़कियों के बाल सुधार गृह भेज दिया।
बताया गया है कि मृतक रोज की मजदूरी करता था, पर जो पैसा मिलता, उसे शराब में उड़ा देता था। इसी वजह से वह काम पर भी नियमित नहीं जाता था। रोज पीकर घर आता, पत्नी और बच्चों से झगड़ता और उन पर हाथ उठाता था। घर चलाने का जिम्मा पत्नी पर था, जो दूसरों के घरों में काम करके खर्च निकालती थी।
लड़की ने पुलिस को बताया कि पिता बचपन से ही उनके साथ मारपीट करता आया था। उसके कहने के मुताबिक पिछले दो साल से वह उसे गलत तरीके से छूता और बुरी नजर से देखता था, जिससे वह उसके पास जाने से भी डरती थी। पुलिस भी यही बता रही है कि घर में कोई न होने पर वह लड़की से अश्लील हरकतें करता था और विरोध पर गाली-गलौज और मारपीट करता था। लड़की ने यह बात पहले अपनी मां को भी बताई थी। हालांकि ये सब बातें अभी आरोप और बयान हैं और मामले की जांच जारी है।
सोमवार की रात मां काम पर गई थी और भाई खेलने गया हुआ था, यानी घर में सिर्फ पिता और बेटी थे। रात करीब 8.50 बजे पिता नशे में धुत होकर लौटा और बेटी को अपने पास बुलाया। लड़की ने मना किया तो वह खुद उसे पकड़कर पास बैठाने लगा। लड़की के बयान के मुताबिक वह फिर गलत तरीके से छूता रहा और लड़की ने इसका कड़ा विरोध किया। (कुछ खबरों में घटना का वक्त करीब 8 बजे बताया गया था, लेकिन ताजा जानकारी में 8.50 बजे की बात है।)
इसके बाद पिता ने गालियां दीं, थप्पड़ों की बौछार कर दी और लात-घूंसे चलाए। दोनों में हाथापायी होने लगी। खुद को बचाने की कोशिश में गुस्से से भरी लड़की ने घर में रखा लकड़ी का क्रिकेट बैट उठाया और पिता पर वार कर दिया। पहला वार माथे पर लगा और दूसरा सिर के पिछले हिस्से पर। चोट गहरी थी, पिता वहीं खून से लथपथ गिर पड़ा। कुछ खबरों के मुताबिक उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुलिस के हवाले से एक बयान में कहा गया कि उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
घटना के बाद लड़की घबरा गई। उसने कमरे में फैला खून कपड़ों से पोंछने की कोशिश की और बताया गया है कि उसने यह कहानी भी सोच ली थी कि पिता नशे में गिरकर मर गया। कुछ देर में मां लौटी तो लड़की ने उसे पूरी बात बता दी। दोनों को जेल जाने का डर था, इसलिए किसी की कुछ बोलने की हिम्मत नहीं पड़ी और करीब तीन घंटे तक लाश घर में ही पड़ी रही।
आखिर रात 12.10 बजे लड़की ने खुद डायल 112 पर फोन करके पुलिस को सब बता दिया। कंट्रोल रूम से खबर मिलते ही MIDC पुलिस मौके पर पहुंची। डीसीपी ऋषिकेश रेड्डी और इंस्पेक्टर बाबूराव राऊत अपनी टीम के साथ वहां आए। पुलिस ने पंचनामा किया और लाश को पोस्टमार्टम के लिए एम्स अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। MIDC पुलिस ने लड़की से पूछताछ की, और आगे जांच में क्या सामने आता है, यह देखना अहम होगा।
इसी बीच गडचिरोली से एक अलग और दुखद खबर आई है। नक्सलविरोधी अभियान के लिए तैनात SRPF के जवान राहुल प्रभाकर शिनगारे की सांप के काटने से मौत हो गई। वे 39 साल के थे और धुले जिले के रहने वाले थे। करीब डेढ़ महीने पहले वे माओवादविरोधी अभियान के लिए गडचिरोली आए थे। चामोर्शी तालुका के रेगडी पुलिस मदद केंद्र इलाके में उनकी तैनाती थी और वे रेगडी के कैंप में रहते थे।
6 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे वे नहाने गए थे, तभी एक जहरीले सांप ने उनके हाथ पर काट लिया। वे तुरंत कैंप लौटे। अफसर और साथी उन्हें चामोर्शी के ग्रामीण अस्पताल ले गए। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें गडचिरोली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद दोपहर करीब ढाई बजे उनकी मौत हो गई। उनके जाने से पुलिस दल में शोक है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।