उल्हासनगर में बीजेपी और शिवसेना के पदाधिकारियों पर एक-दूसरे की शिकायत पर केस दर्ज
उल्हासनगर में महायुति के दो घटक दलों के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है और दोनों तरफ केस दर्ज हुए हैं।
उल्हासनगर में सत्ताधारी महायुति के दो घटक दल, शिवसेना शिंदे गुट और भाजपा, के बीच का विवाद अब पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया है। एक-दूसरे पर आरोप लगने के बाद दोनों तरफ के पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई हैं और शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
पहला मामला शिवसेना पदाधिकारी कमलेश निकम और उनके समर्थकों के खिलाफ है। कमलेश निकम महापौर अश्विनी निकम के पति हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया। इस केस में रवींद्र चव्हाण की बदनामी करने का आरोप भी लगाया गया है।
इसी के साथ भाजपा पदाधिकारी दीपा पंजाबी के उल्हासनगर स्थित दफ्तर के सामने हंगामा करने के आरोप में भी शिकायत दर्ज की गई है। बताया गया है कि इसमें कमलेश निकम के साथ गुड्डू राय, निलेश बोबडे, सुरेश सिंह, मोहित पेशवानी, ब्रिज बिहारी शुक्ला, सुंदर मुरलीधर, संतोष राय, अमन राय, गणेश श्रीवास्तव, सुरज सिंह, शुभम गोसावी, अविनाश विरारे, नरेश सालवे, मैडिस स्टालिन, कमल यादव, विशाल हजारे, गणेश हजारे, प्रफुल्ल जाधव और करण भोईर के नाम हैं। इनके अलावा कुछ और लोगों के नाम भी बताए गए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वाधवा आर्या की शिकायत में भी कमलेश निकम का नाम होने की जानकारी मिली है।
दूसरी तरफ शिवसेना पदाधिकारी कमलेश निकम ने भी भाजपा के पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। इस शिकायत पर उल्हासनगर क्रमांक 1 पुलिस स्टेशन में भाजपा के छह पदाधिकारियों पर केस दर्ज हुआ है। उन पर निकम को धमकी देने और गाली-गलौज करने का आरोप है। बताया गया है कि इस मामले में भाजपा पदाधिकारी मनीष हिंगोली, कपिल अडसूल, अविनाश पंजाबी, गौरव भालेराव, राकेश पाठक और प्रदीप रामचंदानी के नाम शामिल हैं।
एक ही सत्ताधारी गठबंधन के दो दलों के पदाधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस के पास पहुंचे हैं, इसलिए उल्हासनगर में भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव और तेज होता दिख रहा है। अब इन दोनों तरफ की शिकायतों की जांच में पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।