राज्य का नाम 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी तेज, विधानसभा में आएगा बिल
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य का नाम सभी भाषाओं में 'पश्चिम बंग' करने के लिए विधानसभा के अगले सत्र में नया विधेयक लाने की तैयारी में है।
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर राज्य सरकार की हलचल तेज हो गई है। विधानसभा के अगले सत्र में जल्द ही नया विधेयक पेश करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत राज्य का नाम सभी भाषाओं में 'पश्चिम बंग' कर दिया जाएगा। इससे 'वेस्ट बंगाल' या 'पश्चिम बंगाल' जैसे दूसरे नामों का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा।
जलपाईगुड़ी में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस मांग पर अपनी बात रखी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मांग न समित भट्टाचार्य की है और न सुवेंदु अधिकारी की। उनके मुताबिक यह भारतीय जनता पार्टी के किसी कार्यकर्ता की भी मांग नहीं है।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। आचार्य देव प्रसाद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद जो व्यक्ति अध्यक्ष बने, उनकी भी यही मांग थी कि इतिहास को कोई न भूले।
समिक भट्टाचार्य ने आगे कहा कि सब लोग पहले 'अंग-बंग-कलिंग' के नाम से जानते थे। बंगाल के बंटवारे के बाद 20 जून 1947 को उन्होंने जिसे 'पश्चिम बंग' कहा था, उसी की रचना की गई। उनके कहे मुताबिक उस वक्त कांग्रेस के सभी हिंदू विधायकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था। उन्होंने कहा कि यह 'वेस्ट बंगाल' नहीं है और किसी भी रूप में 'पश्चिम बंगाल' भी नहीं है। यह 'पश्चिम बंग' ही है, और चाहे बंगाली हो या अंग्रेजी, इसका उच्चारण ऐसा ही है और ऐसा ही रहेगा।
दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य में हो रहे उपचुनावों पर बात की। उन्होंने कहा कि आज सुबह से नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव हो रहे हैं। उनके मुताबिक यहां की जनता जान चुकी है कि वोट किसे देना है और सबको विकास चाहिए।
राज्य का नाम बदलने के बिल पर पॉल ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि पश्चिम बंगाल के नामकरण के लिए बिल लाया जा रहा है। उन्होंने इसे बहुत बड़ी बात बताया।
विपक्षी पार्टी पर बोलते हुए पॉल ने कहा कि विपक्ष जीते तो ईवीएम मशीन ठीक है और हारे तो ईवीएम में गड़बड़ी। उन्होंने कहा कि यह बात बंगाल के लोग भी जानते हैं और देश के 140 करोड़ लोग भी।
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हुमायूं कबीर धार्मिक तनाव पैदा करते हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके मुताबिक वे ऐसी बातें करके माहौल खराब कर रहे हैं और यह हम उन्हें करने नहीं देंगे।
इस बीच, AJUP के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान गिरफ्तार किया है। इस पर विपक्षियों ने सत्ताधारी पक्ष पर जमकर निशाना साधा है।