अजय बारस्कर का जरांगे पर टेंडर में गड़बड़ी का आरोप, ईडी को कागजात देने की बात कही
मुंबई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे और राधाकृष्ण विखे पाटील पर कंत्राटों को लेकर आरोप लगाए और कहा कि कागजात ईडी को देंगे।
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अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे पाटील और राधाकृष्ण विखे पाटील पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को मुंबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बारस्कर ने जरांगे पर कंत्राटों से लेकर पैसों के लेन-देन तक कई आरोप लगाए। उनका दावा है कि इन आरोपों के समर्थन में उनके पास कागजात हैं और वे ये कागजात ईडी को सौंपेंगे।
जरांगे पर निशाना साधते हुए बारस्कर ने कहा, "मनोज जरांगे अब संघर्ष योद्धा नहीं रहा, टेंडर योद्धा बन गया है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जरांगे के करीबी लोगों के जरिए कंत्राटों का एक नेटवर्क खड़ा किया गया।
बारस्कर ने किशोर बलांडे, संजय कटारे और हेमंत उर्फ हणमंत धुमाले जैसे कुछ लोगों के नाम लेते हुए कहा कि कंत्राटों में गड़बड़ी हुई है। उनका दावा है कि हजारों करोड़ रुपये के टेंडरों में गलत तरीके अपनाए गए। उन्होंने कहा कि कुछ कामों की जरूरत न होते हुए भी उनकी सूची बनाकर प्रशासकीय मंजूरी ली गई, अंदाजा खर्च बढ़ाया गया और फिर बड़े टेंडर निकालकर उन्हें मैनेज किया गया। यह सब बारस्कर का आरोप है।
बारस्कर के मुताबिक राधाकृष्ण विखे पाटील के जरिए माणिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को 635 करोड़ रुपये का काम दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कम दाम में काम करने को तैयार कंपनियों को किनारे कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस कंपनी को इतने बड़े पैमाने पर काम कैसे मिल गए। इन कथित लेन-देन से जुड़े कागजात ईडी को सौंपने की बात भी बारस्कर ने साफ तौर पर कही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बारस्कर ने यह भी आरोप लगाया कि मनोज जरांगे, किशोर बलांडे और कुछ दूसरे लोगों के बीच पैसों का और कंत्राटों का रिश्ता है। उनका दावा है कि जरांगे के पास जो कुछ गाड़ियां हैं, उनका संबंध किशोर बलांडे से है। इसके अलावा बारस्कर ने जरांगे पर निजी किस्म के आरोप लगाए और उनकी संपत्ति और लेन-देन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "मेरे पास कागजात हैं और मैं उन्हें ईडी को दूंगा।"
अब तक इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर मनोज जरांगे पाटील, राधाकृष्ण विखे पाटील और बाकी लोगों की तरफ से क्या जवाब आता है, यह देखना अहम होगा।