शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
02:13 IST

विसापुर के सन्मित्र सैनिक स्कूल में 12 साल के छात्र की मौत, पुलिस जांच में सामने आई वजह

चंद्रपुर के विसापुर स्थित सन्मित्र सैनिक स्कूल में 12 साल के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में रामनगर पुलिस ने जांच के बाद वजह बताई है।

विसापुर के सन्मित्र सैनिक स्कूल में 12 साल के छात्र की मौत, पुलिस जांच में सामने आई वजह तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले के विसापुर में सन्मित्र सैनिक स्कूल है। वहां 12 साल के एक छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में अब नई और चौंकाने वाली बात सामने आई है। शुरू में परिवार की तरफ से स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे थे। रामनगर पुलिस स्टेशन की पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके ने अब अधिकृत जानकारी दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे ने पिता के एक फैसले से आहत होकर यह कदम उठाया और अपनी जान दे दी।

पुलिस निरीक्षक एकुरके के मुताबिक, यह बच्चे का सैनिक स्कूल में पहला ही साल था। 8 अक्टूबर को उसे त्वचा की तकलीफ यानी खुजली शुरू हो गई। जानकारी के मुताबिक स्कूल मैनेजमेंट ने उसके पिता को तुरंत बुलाया। पिता को सलाह दी गई कि बच्चा पूरी तरह ठीक होने तक उसे गांव ले जाएं।

लेकिन पिता बच्चे को बाहर डॉक्टर के पास ले गए और शुरुआती इलाज करवाया। इसके बाद सिर्फ दो घंटे में ही उसे वापस सैनिक स्कूल छोड़ गए। बच्चे को जब समझ आया कि वह गांव नहीं जा पाएगा और उसे फिर उसी माहौल में रहना पड़ेगा, तो वह बहुत निराश हो गया और लगातार रोने लगा। इसी उदासी में उसने हॉस्टल में बिस्तर के पास कपड़े सुखाने के लिए बंधी नायलॉन की रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी।

घटना के दिन की बात करें तो पिता बच्चे को स्कूल के पास लाए और उसे खाने की चीज दिलवाई। फिर भी गांव न जाकर स्कूल लौटने से वह दुखी था और रोता रहा। पिता उसे छोड़कर गांव के लिए निकले तो वह अपने बेड के पास गया। उस वक्त बाकी सब बच्चे बाहर मैदान में थे। वह सात-आठ मिनट तक रोता ही रहा, फिर बेड के पास की नायलॉन रस्सी से उसने फंदा लगा लिया। थोड़ी देर में एक बच्चा वहां पहुंचा। सामने का मंजर देखते ही उसने सीधे शिक्षकों को खबर दी, मगर तब तक देर हो चुकी थी।

स्कूल के प्राचार्य मोहन पाठक ने इस पूरे मामले में स्कूल का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "इस बच्चे की मौत बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक घटना है। स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप पूरी तरह गलत हैं। 8 अक्टूबर को तकलीफ होने पर हमने खुद पहले उसे डॉक्टर को दिखाया था। पिता के आने पर हमने उन्हें आउटपास देकर कहा था कि बच्चा ठीक होने तक उसे गांव ले जाएं। मगर पिता इलाज के बाद दो घंटे में ही उसे वापस छोड़ गए। गांव न जा पाने से बच्चा नाराज होकर रो रहा था। वह बहुत होशियार छात्र था। हम पुलिस की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।"

पूरी घटना स्कूल के कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस और स्कूल प्रशासन ने यह फुटेज बच्चे के पिता को सामने बैठाकर दिखाया है। इस जांच के बाद स्कूल प्रशासन पर उठे सारे शक दूर हो गए हैं। रामनगर पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। घटना से इलाके में शोक का माहौल है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे