नाना पटोले बोले, दिल्ली में पाबंदियां लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ, केंद्र से पूछा सवाल
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों पर केंद्र सरकार को घेरा। पटोले का आरोप है कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है और अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात बना दिए गए हैं।
अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए पटोले ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को विरोध-प्रदर्शन करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का हक है।
पटोले के मुताबिक अगर सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई है, तो उसे लोगों के विरोध-प्रदर्शन पर इस तरह की पाबंदियां नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से ही देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं।
पटोले ने कहा कि दिल्ली आने वाली ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाई गई है। साथ ही हवाई यात्रा करने वाले लोगों को विमान से उतारने और पकड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी पाबंदियां लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ हैं, और आरोप लगाया कि मोदी सरकार जनता का सामना करने से डर रही है। दिल्ली में पैदा हुए हालात की निंदा करते हुए पटोले ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर लोगों को अपने मुद्दे उठाने से क्यों रोका जा रहा है।
अभिजीत दिपके को विमान से उतारकर गिरफ्तार किए जाने के सवाल पर पटोले ने सरकार की कड़ी आलोचना की। अंग्रेजों के शासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में भी महात्मा गांधी और दूसरे नेताओं ने आंदोलन किए थे।
पटोले ने सवाल किया कि चुनी हुई सरकार के राज में अगर विरोध करने का अधिकार ही नहीं बचेगा, तो लोकतंत्र का मतलब क्या रह जाएगा। उन्होंने दिपके की गिरफ्तारी को सरकार की घबराहट का संकेत बताया और कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई का विरोध करती है।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर पटोले ने कहा कि युवा राहुल गांधी की आवाज से जुड़ रहे हैं। उनके मुताबिक तमिलनाडु में होने वाला यह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा और राज्य के युवा इसमें हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। पटोले ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने के लिए ऐसे कार्यक्रम अहम हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के चुनावी धांधली संबंधी बयान और भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी की प्रतिक्रिया पर भी पटोले ने अपनी बात रखी। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता राहुल गांधी के बयानों का विरोध करते रहेंगे।
पटोले ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं की बातें सुनीं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही। राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।