बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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संजय राउत ने कहा, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के मालिक नहीं; पेड़ कटाई और ठाणे मामले पर उठाए सवाल

संजय राउत ने कहा, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के मालिक नहीं; पेड़ कटाई और ठाणे मामले पर उठाए सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे, किसानों, ठाणे के मामले, पेड़ कटाई और चुनावी फंड पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने राज्य की राजनीति पर बोलते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का नतीजा, किसानों के सवाल, ठाणे का मामला, 500 करोड़ की ऑडियो क्लिप, पर्यावरण और चुनावी फंड पर अपनी बात रखी।

महाविकास आघाडी के नतीजों पर राउत ने कहा कि कुछ जगहों के नतीजे अच्छे रहे हैं। उनके मुताबिक पुणे के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का नतीजा खास तौर पर अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर में कांटे की टक्कर चल रही है, और उनका दावा था कि इन नतीजों से आने वाले दिनों के राजनीतिक माहौल का इशारा मिलता है।

राउत ने माना कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का नतीजा सरकार के पक्ष में गया, लेकिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का नतीजा ऐसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को दस हजार रुपये बांटे गए और इस पर हैरानी जताई। उनका कहना था कि सरकार आने के बाद शिक्षक के पेशे को खरीदने की कोशिश हो रही है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने पेशे की लाज रखें।

दिवाली अनुदान को लेकर राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को 11 हजार रुपये दे रहे हैं। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे किसानों के साथ दिवाली मनाकर दिखाएं। राउत ने कहा कि एक तरफ आर्थिक मदद का ऐलान हो रहा है और दूसरी तरफ किसानों की आत्महत्याएं जारी हैं।

ठाणे में मीनाक्षी और राजेंद्र शिंदे से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए राउत ने संबंधित लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका दावा था कि ठाणे के सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने पुलिस के कामकाज पर सवाल उठाए और पूछा कि ठाणे की पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है। राउत ने यह भी पूछा कि इस मामले में विशेष जांच दल यानी एसआईटी क्या करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। राउत ने यह भी कहा कि राम पूर्णेकर को प्रभारी मंत्री के घर जाकर इंसाफ मांगने का हक है।

500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप के मामले में राउत ने जांच एजेंसियों की आलोचना की। उन्होंने एसआईटी की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए और जांच करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर एतराज जताया। राउत ने साफ किया कि वे इस मामले का पीछा नहीं छोड़ेंगे। इसी बीच उन्होंने चुनावी फंड को लेकर सुधीर मेहता पर भी आरोप लगाए। राउत का दावा है कि मेहता ने भाजपा को साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये का चुनावी फंड दिया और इसके अलावा अलग से नकद रकम भी दी।

पर्यावरण के मुद्दे पर राउत ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे और पर्यावरण प्रेमी इस विषय पर आगे आ रहे हैं, और शिवसेना पहाड़ी को घेरने वाली है। पेड़ कटाई का विरोध करते हुए उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बोस का हवाला दिया, जिन्होंने साबित किया था कि पेड़ों में भी जान होती है। राउत ने 2,637 पेड़ों के मुद्दे पर सरकार को चुनौती दी और कहा कि मुख्यमंत्री खुद पहाड़ी पर जाकर हालात देखें।

जंगल, एसआरए प्रोजेक्ट और ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राज्य के मालिक नहीं हैं। उनके मुताबिक पुराने पेड़ों और जंगल की वजह से ऐतिहासिक विरासत की अहमियत है, और उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरासत खत्म की जा रही है। जंगल कटाई से जुड़े पैसों के लेन-देन और एसआरए प्रोजेक्ट को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।

राहुल नार्वेकर पर राउत ने रायगढ़ में जमीन हड़पने के आरोप लगाए। उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि मुख्यमंत्री को सुसंस्कृत होना चाहिए। डॉक्यूमेंट्री हटाए जाने के मुद्दे पर राउत ने कहा कि राज ठाकरे की डॉक्यूमेंट्री हटाई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनकी अपनी डॉक्यूमेंट्री हटाई गई तो वे उसे दोबारा अपलोड करेंगे।

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