बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

टोरंट प्रोजेक्ट पर कर्जत में जरांगे पाटील: सह्याद्री उजाड़ने की कोशिश बंद करे सरकार

टोरंट प्रोजेक्ट पर कर्जत में जरांगे पाटील: सह्याद्री उजाड़ने की कोशिश बंद करे सरकार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

कर्जत में कटे जंगल का मुआयना करने के बाद मनोज जरांगे पाटील ने सरकार और मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए और स्थानीय लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही।

मराठा संघर्ष योद्धा मनोज जरांगे पाटील ने टोरंट प्रोजेक्ट को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी दी है। कर्जत के पाली तर्फे कोतवाल खलाटी के सायडोंगर में काटे गए जंगल का मुआयना करने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखे सवाल उठाए। संतोष पेरणे की रिपोर्ट के मुताबिक, टोरंट बांध प्रोजेक्ट पर राज्य भर में सरकार की आलोचना हो रही है, जबकि मुख्यमंत्री और सत्ताधारी पक्ष इस प्रोजेक्ट की तारीफ करते दिख रहे हैं।

जरांगे पाटील सुबह अहिल्यानगर से कर्जत पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। छत्रपति संभाजी महाराज की मूर्ति को अभिवादन करने के बाद वे पाली सायडोंगर गए। उनके साथ कर्जत सकल मराठा समाज के पदाधिकारी भी थे।

कटा हुआ जंगल देखने के बाद जरांगे पाटील ने कहा कि सरकार को कौन सा पर्यावरण के अनुकूल विकास करना है, यह उसे यहां आकर स्थानीय किसानों और आदिवासियों से बात करके समझना चाहिए। उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता पर वार करना और जनता को गृहीत मानकर झटके देना बंद करना चाहिए।

जरांगे पाटील के मुताबिक स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ नहीं काटने हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सुनना चाहिए, और अगर जनता को प्रोजेक्ट नहीं चाहिए तो उसे यहां से कहीं और ले जाना चाहिए। उनका कहना था कि जंगल खत्म करने की जो कोशिश हो रही है, उसे रद्द किया जाए और सह्याद्री उजाड़ने वाला यह प्रोजेक्ट यहां से हटाया जाए। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि ऐसा न हुआ तो वे यहां की जनता के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे, और जरूरत पड़ी तो पूरे महाराष्ट्र को यहां लाकर खड़ा कर देंगे।

आगे बोलते हुए जरांगे पाटील ने सत्ताधारियों से कहा कि सह्याद्री उजाड़ने का ठेका लेने वालों को तबाह करने की ताकत महाराष्ट्र की मिट्टी में है, इसलिए वे महाराष्ट्र से प्यार करने वालों की परीक्षा न लें। मुख्यमंत्री के पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अब वकील की सनद देनी पड़ेगी। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को जानकार और होशियार माना जाता है, तो क्या उन्हें सह्याद्री उजड़ता नहीं दिख रहा? जरांगे पाटील ने कहा कि महाराष्ट्र यह जानता है और पर्यावरण प्रेमी ऐसे नेताओं को वोट की पेटी से उनकी जगह दिखा देंगे।

उन्होंने कहा कि वे राजनीति नहीं कर रहे और सरकार को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनका सवाल था कि पेड़ लगाना और पुराने पेड़ काटना, क्या यह पर्यावरण नष्ट करने का ठेका सरकार ने ले लिया है? उन्होंने पूछा कि यह अधिकार सरकार को किसने दिया, और चेतावनी दी कि सह्याद्री सरकार को माफ नहीं करेगा। जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि साफ प्राकृतिक हवा के लिए 33 करोड़ पेड़ लगाने हैं, लेकिन क्या पेड़ काटने से प्रदूषण नहीं होता?

मुख्यमंत्री के 33 करोड़ पेड़ लगाने वाले बयान का मजाक उड़ाते हुए जरांगे पाटील ने कहा कि 100-200 साल पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं और कहा जा रहा है "वृक्ष और बेलें हमारे सगे-संबंधी हैं, वनचर भी"। उन्होंने पूछा कि इनके सगे-संबंधी आखिर कौन हैं, और मांग की कि टाटा और अदानी इनके सगे-संबंधी हैं, यह बात वे पहले जाहिर करें। उन्होंने कहा कि "पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ" सरकार का जनता को मूर्ख बनाने का तरीका है। उनके मुताबिक सरकार को यह बंद करना चाहिए और जनता की राय के हिसाब से चलना चाहिए।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे