बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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भीमाशंकर में पेड़ों की कटाई रोकने की मांग, श्रीवर्धन के प्रकृति प्रेमी मित्र मंडल ने सौंपा ज्ञापन

भीमाशंकर में पेड़ों की कटाई रोकने की मांग, श्रीवर्धन के प्रकृति प्रेमी मित्र मंडल ने सौंपा ज्ञापन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

श्रीवर्धन के प्रकृतिप्रेमी मित्रमंडल ने भीमाशंकर में निजी परियोजना के लिए चल रही कथित कटाई को तुरंत रोकने की मांग की है।

श्रीवर्धन के प्रकृतिप्रेमी मित्र मंडल ने भीमाशंकर में एक निजी परियोजना के लिए चल रही कथित बेसुमार पेड़ों की कटाई को तुरंत रोकने की मांग की है। संस्था की तरफ से इस बारे में श्रीवर्धन के वन क्षेत्र अधिकारी और श्रीवर्धन के तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया है। संस्था का कहना है कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक संपत्ति को बचाने के लिए संबंधित प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द सही कार्रवाई करे।

मित्र मंडल के प्रतिनिधि प्रसाद सुरेश विचारे ने वन क्षेत्र अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डर जताया गया है कि भीमाशंकर इलाके में जारी पेड़ों की कटाई से प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है और आगे चलकर इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। इसी मुद्दे पर श्रीवर्धन के तहसीलदार को भी चिट्ठी दी गई है और प्रशासन से दखल देने की मांग की गई है।

संस्था ने कहा है कि इस वक्त मौसम में बदलाव, बढ़ती गर्मी और बारिश की अनियमितता की वजह से पर्यावरण के सामने कई चुनौतियां खड़ी हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ कटे तो जैवविविधता, जंगली जानवरों के रहने की जगहों और स्थानीय पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। पेड़ सिर्फ प्रकृति की शोभा नहीं हैं, पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में उनकी बहुत अहम भूमिका होती है। इसलिए प्रकृतिप्रेमियों को उम्मीद है कि निजी परियोजना के नाम पर हो रही कटाई की संबंधित एजेंसी जरूरी जांच करे और असलियत साफ करे।

प्रकृतिप्रेमियों ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि सरकारी स्तर पर पर्यावरण बचाने, जंगली जानवरों की हिफाजत और जैवविविधता कायम रखने के लिए तरह-तरह के पेड़ लगाने के अभियान चलाए जाते हैं। लोगों तक पेड़ों की अहमियत पहुंचाने के लिए जागरूकता भी फैलाई जाती है। लेकिन दूसरी तरफ भीमाशंकर इलाके में निजी परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ कटने का मुद्दा सामने आया है।

पेड़ लगाने के साथ-साथ जो जंगल पहले से मौजूद है, उसे बचाना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए मांग की गई है कि प्रशासन इस परियोजना के लिए पेड़ काटने की इजाजत, लागू पर्यावरण से जुड़ी शर्तों और नियमों के पालन की पड़ताल करे। हाल के दिनों में पेड़ों की कटाई बढ़ती दिख रही है।

प्रकृतिप्रेमी मित्र मंडल कई सालों से श्रीवर्धन शहर और तालुका में प्राकृतिक साधन-संपदा और जानवरों व पक्षियों को बचाने का काम कर रहा है। संस्था के प्रतिनिधि प्रसाद सुरेश विचारे ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हर किसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि भीमाशंकर की बेसुमार कटाई तुरंत रोककर मामले की ठीक से जांच की जाए।

पर्यावरणप्रेमियों की राय है कि भीमाशंकर जैसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध इलाके के जंगल बचाने के लिए प्रशासन को वक्त रहते कदम उठाने होंगे। अब सबकी नजर इस पर है कि वन विभाग और तहसील प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करते हैं और इस कटाई को लेकर कौन-सी सच्चाई सामने आती है।

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