खरगे के मोदी पर बयान को मुनगंटीवार ने गलत ठहराया, कर्जत के पेड़ों पर भी बोले
नागपुर में बोलते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने खरगे के बयान, कर्जत में पेड़ कटाई और एनसीपी की वित्त विभाग की मांग पर अपनी बात रखी।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जो बयान दिया, उसके बाद देश का सियासी माहौल गरम हो गया है। अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और महायुति के नेताओं ने खरगे के बयान का कड़े शब्दों में विरोध किया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बहुत सख्त लहजे में पलटवार किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज कांग्रेस अध्यक्ष ने राजनीतिक संस्कृति की सारी मर्यादाएं लांघ दी हैं। इसी मुद्दे पर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी जवाब दिया है।
मुनगंटीवार ने कहा कि खरगे को ऐसे शब्द इस्तेमाल नहीं करने चाहिए थे। उनके मुताबिक सत्ता से दूर रहने की वजह से ऐसे शब्द निकलते हैं। फिर उन्होंने सवाल किया कि क्या राजनीति में यह साधनसुचिता की निशानी है। वे नागपुर में बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि कोई किसी को ऐसे न बोले, और दूसरे ने कहा इसलिए मैं भी कहूं, ऐसा भी नहीं होना चाहिए।
कर्जत में पेड़ों की कटाई पर भी मुनगंटीवार ने अपनी राय रखी। आरोप लग रहे हैं कि विकास के नाम पर कर्जत भीमाशंकर इलाके में 3 लाख से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं। अब तक हजारों बड़े पेड़ काटे जा चुके हैं, इसलिए लोगों में गुस्सा है। महायुति सरकार पर यह आरोप भी लग रहा है कि उसने गुजरात की टॉरेंट पावर कंपनी के प्रस्तावित जलविद्युत ऊर्जा स्टोरेज प्रोजेक्ट के साथ पक्षपात किया।
राज्य के पूर्व वन मंत्री रह चुके मुनगंटीवार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास आधिकारिक जानकारी होती है। जरूरत न हो तो पेड़ नहीं काटने चाहिए, यही वन विभाग का आम रुख रहता है। केंद्र के पर्यावरण विभाग का रुख भी यही होता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए साइट स्पेसिफिक शब्द इस्तेमाल होता है। अगर प्रोजेक्ट दूसरी जगह हो सकता है तो जंगल बचाया जाना चाहिए, और बातचीत से रास्ता जरूर निकलना चाहिए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया है कि पेड़ों की कटाई नहीं होगी।
राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा फिर शुरू हुई है, और इस बार बात सीधे वित्त विभाग की है। अजितदादा के निधन के बाद एनसीपी के पास रहा वित्त विभाग भाजपा के पास चला गया था। अब उसे भी एक साल हो चुका है। इसी बीच एनसीपी की ओर से वित्त विभाग की मांग जोर पकड़ रही है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अगुवाई में एनसीपी के प्रमुख नेताओं की मुख्यमंत्री फडणवीस के वर्षा निवास पर बैठक हुई। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबळ ने बताया कि एनसीपी के हिस्से का वित्त विभाग उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगा है। मुख्यमंत्री विभाग देने को लेकर सकारात्मक हैं, पर उन्होंने विभाग देने की तारीख नहीं बताई है।
इस पर मुनगंटीवार ने कहा कि एनसीपी का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिल सकता है, लेकिन उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ही सही फैसला लेंगे।
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