पश्चिम मुंबई में दो साल में एक भी स्कूल की जांच नहीं? RTI के बाद शिक्षण विभाग के कामकाज पर सवाल
वांद्रे से दहिसर तक के करीब 185 माध्यमिक स्कूलों की 2024-25 और 2025-26 में जांच न होने का आरोप लगा है। शिकायत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत संबंधित एजेंसियों को दी गई है।
पश्चिम मुंबई में वांद्रे से दहिसर तक के इलाके में करीब 185 माध्यमिक स्कूल आते हैं। आरोप लगाया गया है कि इन स्कूलों की पिछले दो शैक्षणिक वर्षों, यानी 2024-25 और 2025-26 में जांच ही नहीं हुई। यह मामला सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के बाद सामने आया है। इसके बाद शिक्षण विभाग के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ग्लोबल पेरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित दंडवते ने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत संबंधित एजेंसियों को शिकायत दी है। शिकायत में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि पश्चिम मुंबई के माध्यमिक स्कूलों की जांच को लेकर ज़रूरी जानकारी उपलब्ध ही नहीं है।
स्कूल संहिता के नियमों और सरकारी आदेशों के हिसाब से शिक्षण विभाग के अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे स्कूलों की नियमित जांच करें। शिकायत करने वालों का कहना है कि शिक्षण निरीक्षक को साल में 10 से 15 स्कूलों की जांच करनी चाहिए, जबकि उपनिरीक्षक को 25 से 30 स्कूलों की। लेकिन आरोप है कि इस पूरे दौरान स्कूलों की जांच हुई ही नहीं।
स्कूलों की जांच के दौरान सीसीटीवी सिस्टम, शौचालय, शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की संख्या, छात्रों की उपस्थिति संख्या, भौतिक सुविधाओं और स्कूलों को मिलने वाले अनुदान के इस्तेमाल की पड़ताल अहम होती है। जांच न होने पर इन सुविधाओं की हालत को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इसी वजह से विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज़ से नियमित जांच की मांग की जा रही है।
शिकायत करने वालों ने मांग की है कि शिक्षण निरीक्षक (पश्चिम) संजय जावीर और संबंधित उपनिरीक्षकों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही सात दिन के अंदर सभी संबंधित स्कूलों की विशेष जांच मुहिम चलाई जाए। अब नज़र इस बात पर है कि शिक्षण विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहते हैं।