नागपुर में डीजे संचालक अभिजीत सीडाम की चाकू मारकर हत्या, नौ संदिग्ध हिरासत में
साउंड सिस्टम और बकाया रकम के विवाद के बाद सोमवार देर रात बोरगांव रोड पर 29 साल के डीजे संचालक पर कथित तौर पर चाकू से हमला हुआ। गिट्टीखदान पुलिस ने नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
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नागपुर में सोमवार देर रात बकाया पैसों और साउंड सिस्टम वापस लेने के झगड़े ने जानलेवा रूप ले लिया। 29 साल के डीजे संचालक की कथित तौर पर नौ लोगों के एक गुट ने चाकू मारकर हत्या कर दी। गुट में तीन नाबालिग भी बताए गए हैं। ये सभी लोग दुर्गा पूजा के एक संगीत कार्यक्रम में उसके साथ काम कर चुके थे।
मृतक का नाम अभिजीत सीडाम है। वे अंबाझरी पुलिस चौकी के पीछे पंधराबोडी के रहने वाले थे। हमला बोरगांव रोड पर दिनशॉ फैक्टरी के सामने हुआ, जो गिट्टीखदान पुलिस के इलाके में आता है। चाकू के गहरे घावों के बाद उन्हें मेयो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हर एक की इस वारदात में ठीक-ठीक क्या भूमिका थी, इसकी जांच चल रही है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि सीडाम का डीजे का कारोबार था। उन्होंने दुर्गा पूजा के कार्यक्रम में अपना साउंड सिस्टम चलाने और म्यूजिक सर्विस देने के लिए इन लोगों को लगाया था। बताया जाता है कि पैसों को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद गुट ने कथित तौर पर साउंड सिस्टम अपने पास रख लिया।
अपना सामान वापस लेने और बकाया रकम का हिसाब निपटाने के इरादे से सीडाम सोमवार रात एक दोस्त के साथ उन लोगों से मिलने गए थे। आरोप है कि सामान और पैसों को लेकर शुरू हुई बहस हिंसक झड़प में बदल गई और इसी दौरान सीडाम पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मेयो अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पुलिस ने जिन बालिग संदिग्धों की पहचान की है, उनके नाम श्रीशांत सदमाके (19), महेश वाढवे (18), ऋषभ सदमाके (21), आदेश कृष्णा सदमाके (22), रोमेश सदमाके (27) और शिवराज सदमाके (18) हैं। बाकी तीन संदिग्ध नाबालिग हैं और उनके साथ किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच करने वाले अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि जानलेवा वार किसने किया, हमले में कौन-कौन शामिल था और क्या संदिग्धों में से किसी ने हमले की योजना पहले से बनाई थी।
पुलिस शुरुआती विवाद की परिस्थितियों को भी खंगाल रही है, जिसमें बकाया भुगतान और साउंड सिस्टम को अपने पास रख लेने का मामला शामिल है। जांच करने वाले यह समझना चाहते हैं कि कारोबार से जुड़ा एक आम झगड़ा जानलेवा हिंसा तक कैसे पहुंच गया। आगे की कार्रवाई जुटाए गए सबूतों और जांच में तय होने वाली हर आरोपी की भूमिका पर निर्भर करेगी।