चंद्रपुर का महाकाली माता महोत्सव इस बार सादा, गायन कार्यक्रम रद्द, बचा पैसा किसानों को
राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए महोत्सव समिति ने सारे मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और बचने वाला पैसा सूखा पीड़ित किसानों की मदद में जाएगा।
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चंद्रपुर में इस साल का महाकाली माता महोत्सव सादगी से मनाया जाएगा। राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए महोत्सव के सारे मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अपील के बाद महोत्सव समिति के अध्यक्ष और विधायक किशोर जोरगेवार ने यह फैसला लिया।
कार्यक्रम रद्द होने से जो पैसा बचेगा, वह मुख्यमंत्री के जरिए सूखा पीड़ित किसानों तक पहुंचाया जाएगा। यह महोत्सव 14 अक्टूबर से पांच दिन चलने वाला था। धार्मिक परंपराएं और सामाजिक उपक्रम तय योजना के मुताबिक ही चलते रहेंगे।
विधायक किशोर जोरगेवार का कहना है कि सूखे की वजह से किसान मुसीबत में हैं, ऐसे में त्योहार के खर्च से ज्यादा अहमियत उनकी मदद को मिलनी चाहिए। महाकाली माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति तो बनी रहे, लेकिन समाज के प्रति अपना फर्ज भी निभाया जाए, इसी सोच से उन्होंने महोत्सव का खर्च घटाने का सुझाव दिया। इस फैसले के जरिए संदेश दिया गया है कि किसानों के मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहना ही असली सामाजिक जिम्मेदारी है। धार्मिक उत्सव को समाज की भलाई से जोड़कर सूखे से जूझ रहे परिवारों तक मदद पहुंचाने की यह कोशिश है।
हर साल की तरह इस बार भी श्री महाकाली माता महोत्सव की बड़ी तैयारी की गई थी। 14 अक्टूबर से शुरू होने वाले पांच दिन के महोत्सव में भक्ति संगीत के जाने-माने गायक गजेंद्र प्रताप सिंह, हेमंत ब्रिजवासी, चौतन्य देवढे और मशहूर गायिका जयपिंदर नरुला के भजन कार्यक्रम रखे गए थे। राज्य में सूखे की गंभीरता को देखते हुए ये सारे कार्यक्रम रद्द करने का फैसला हुआ। इससे महोत्सव का खर्च कम होगा और बचा पैसा किसानों की मदद में लगाने का रास्ता खुल गया है।
महोत्सव की धार्मिक परंपराएं पहले से तय रूप में जारी रहेंगी। इनमें 9999 कन्याओं का पूजन और भोजन शामिल है। सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की कामना के साथ हरी चूड़ियां पहनाई जाएंगी। नवरात्रि के दौरान जन्मी कन्याओं को चांदी का सिक्का बांटा जाएगा। 19 अक्टूबर को नगर प्रदक्षिणा भी निकाली जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भले कम हो गए हों, लेकिन इसके पीछे का सामाजिक मकसद कहीं बड़ा है। एक तरफ महाकाली माता की भक्ति की परंपरा कायम रखी जा रही है, दूसरी तरफ सूखे से परेशान किसानों के दर्द का एहसास भी रखा जा रहा है।
इसी बीच माता महाकाली महोत्सव 2026 के सिलसिले में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, घटस्थापना के मौके पर श्री माता महाकाली मंदिर में 51 फुट ऊंचे ध्वज का ध्वजारोहण होगा। यह समारोह रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर में रखा गया है। इस ध्वजारोहण से माता महाकाली के प्रति अटूट श्रद्धा जाहिर की जाएगी और नवरात्रि के उत्साह में इजाफा होगा।