विधान परिषद नतीजों के बाद BJP के आरोपों पर शिंदे बोले, शिवसेना ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया
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विधान परिषद की पांच सीटों में से दो महायुति और तीन महाविकास आघाडी को मिलीं। BJP के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी बात रखी।
विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। नतीजों में महायुति को उतनी कामयाबी नहीं मिली जितनी उम्मीद थी। पांच में से दो सीटें महायुति के उम्मीदवारों ने जीतीं, जबकि तीन सीटें महाविकास आघाडी के उम्मीदवारों के खाते में गईं। इस नतीजे के बाद BJP की तरफ से शिवसेना के शिंदे गुट की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
BJP के मंत्री राणे ने सुबह ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं पर टीका की थी। BJP की ओर से शिंदे गुट पर आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों पर अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी बात रखी है।
शिंदे ने साफ कहा कि शिवसेना ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है। उन्होंने बताया कि BJP और शिवसेना के बीच चार जगह गठबंधन था। पुणे सीट के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शिवसेना समर्थित उम्मीदवार और BJP के उम्मीदवार के बीच दोस्ताना मुकाबला हुआ था।
शिंदे के मुताबिक शिवसेना की सोच यह रही है कि गठबंधन में रहते हुए सहयोगी पार्टी का साथ देना और तय की गई भूमिका निभाना जरूरी है। नतीजों के बाद शुरू हुए इन आरोपों की वजह से महायुति के अंदर का माहौल एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
राजनीतिक सवालों के साथ शिंदे ने सूखे और किसानों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसानों की मुश्किलों में, बेटे-बेटियों की शादी की जिम्मेदारी में और खेती से जुड़े सवालों में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
शिंदे ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मदद का ऐलान किया है और इसके लिए साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उनके मुताबिक यह रकम फौरन दी जाने वाली मदद के लिए है, और सूखा पीड़ितों को मिलने वाली बाकी रियायतों का फायदा भी उन्हें मिलेगा।
स्कूल की फीस और दूसरी रियायतों को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है, ऐसा बताते हुए शिंदे ने भरोसा जताया कि किसानों को मदद मिलेगी।
शिंदे ने दावा किया कि एक तरफ विधान परिषद के नतीजे को लेकर महायुति में तालमेल की चर्चा चल रही है, तो दूसरी तरफ सरकार का जोर सूखा पीड़ित किसानों तक मदद पहुंचाने पर है। अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि इन नतीजों को लेकर BJP आगे क्या रुख अपनाती है और महायुति के भीतर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप किस मोड़ पर जाते हैं।
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