पुणे पदवीधर मतगणना में 7-8 मतपेटियों की सील टूटी, हर्षदा देशमुख ने जताया ऐतराज
बालेवाडी मतगणना केंद्र पर महाविकास आघाडी ने सील टूटने का आरोप लगाया, कुछ देर रुकी गिनती।
विधानपरिषद के पदवीधर और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव का नतीजा आज, 27 अक्टूबर को आना है। मतदान हो चुका है और सुबह आठ बजे से गिनती शुरू हो गई। राज्य के कुल तीन पदवीधर और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 182 उम्मीदवार मैदान में थे।
इसी बीच पुणे पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना केंद्र से एक अहम खबर आई। गिनती शुरू होने से पहले ही वहां कुछ देर गड़बड़ी का माहौल बन गया। महाविकास आघाडी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने दावा किया कि आठ मतपेटियों पर सील नहीं है और इस पर ऐतराज जताया। इसके बाद चुनाव अधिकारी और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के बीच काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इस वजह से कुछ समय के लिए गिनती रोकनी पड़ी।
महाविकास आघाडी के उम्मीदवारों की तरफ से आरोप लगाया गया कि पुणे पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की सात से आठ मतपेटियों की सील टूटी हुई मिली। इससे वहां तनाव की स्थिति बन गई। महाविकास आघाडी के साथ दूसरे उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों ने भी इस पर आपत्ति जताई। उनकी मांग थी कि जिन मतपेटियों की सील टूटी है उन्हें अलग रख दिया जाए और बाकी मतपेटियों की गिनती की जाए।
महाविकास आघाडी के प्रतिनिधियों ने बताया कि गिनती के दौरान उन्होंने देखा कि कुछ मतपेटियों की सील टूटी है। उन्होंने ऐतराज किया तो संबंधित अधिकारी मौके पर आए और जांच की। प्रतिनिधियों का आरोप है कि अधिकारियों ने यह कहकर गिनती जारी रखने को कहा कि मतपेटियों पर लगी कागज की सील सलामत है।
प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि इस पूरे वाकये की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी। लेकिन उनकी शिकायत है कि वह रिकॉर्डिंग अभी तक उन्हें नहीं दी गई। उनका यह भी आरोप है कि चुनाव निरीक्षकों के सामने ऐतराज दर्ज कराने के बावजूद उसे लिखित में दर्ज नहीं किया जा रहा।
प्रतिनिधियों ने साफ किया कि जिन मतपेटियों की सील टूटी है, उनमें किस उम्मीदवार को वोट मिले हैं, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। उनका दावा है कि यह मामला किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है और सभी उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों ने इस पर ऐतराज जताया है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि वे गिनती पूरी तरह रोकने की मांग नहीं कर रहे। उनकी मांग है कि सील टूटी मतपेटियां अलग रखी जाएं और बाकी मतपेटियों की गिनती पारदर्शी तरीके से चलती रहे। उन्होंने यह मांग भी की कि चुनाव आयोग इस मामले को गंभीरता से ले और उचित कार्रवाई करे।
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