पुणे मतगणना केंद्र पर खाना अंदर आने से हंगामा, दोनों गठबंधनों के कार्यकर्ता भिड़े
बालेवाडी स्टेडियम में विधान परिषद की मतगणना के दौरान खाने के डिब्बों को लेकर महाविकास आघाडी और महायुति के कार्यकर्ताओं में कहासुनी हुई।
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विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार को हुई वोटिंग के बाद आज मतगणना चल रही है। गिनती सुबह आठ बजे शुरू हुई। तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इस लड़ाई में कुल 182 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद थी। नागपुर, अमरावती, पुणे और औरंगाबाद के मुकाबलों में महायुति और महाविकास आघाडी, दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
इसी बीच पुणे के मतगणना केंद्र पर खाना अंदर लाने को लेकर हंगामे जैसी हालत बन गई। खाने के मुद्दे पर महाविकास आघाडी और महायुति के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। महाविकास आघाडी के कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि मतगणना केंद्र के अंदर खाना कैसे आने दिया गया। खाने के डिब्बे अंदर लाए जाते वक्त दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं में कहासुनी हो गई, और डिब्बे लेने के लिए एकदम धक्का-मुक्की मच गई।
पुणे में मतगणना बालेवाडी स्टेडियम परिसर में हो रही है। सुबह से ही पुलिस हर किसी की जांच करके उसे अंदर छोड़ रही है और वहां कड़ी सुरक्षा तैनात है। अंदर कोई भी चीज ले जाने की इजाज़त नहीं थी। पेन, डायरी, गाड़ी की चाबी और घड़ी तक पर रोक थी। इसके बाद खाने की पैकिंग वाला एक ट्रक अंदर पहुंचा। उसी को लेकर महाविकास आघाडी और महायुति के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और बहस हुई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, फिर खाना लेने के लिए वहां भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पहुंचकर हालात को ठीक से संभाल लिया।
महाविकास आघाडी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें एक साधारण पेन, कागज़ और डायरी तक अंदर नहीं ले जाने दी गई, तो फिर खाने का ट्रक अंदर कैसे आ गया। पेन और कागज़ पर पुलिस की रोक के अलावा घड़ी और गाड़ी की चाबी ले जाने को लेकर भी कुछ उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों और पुलिस के बीच बहस हुई। पुलिस की इस नीति पर कई लोगों ने नाराज़गी जताई।
मतपेटियों को लेकर भी विवाद उठा। पुणे स्नातक सीट से महाविकास आघाडी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख जाधव के कुछ प्रतिनिधियों ने मतगणना केंद्र में आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने देखा कि कुछ मतपेटियों की सील की तारें टूटी हुई थीं और उन पर लाख की सील भी नहीं थी। चुनाव आयोग ने साफ किया कि इसका वीडियो दिखाया जाएगा। देशमुख की तरफ से मांग की गई कि सील टूटी हुई पेटियों को अलग रख दिया जाए और बाकी पेटियों की गिनती की जाए। कई पेटियों के बिना सील के होने का आरोप लगाया गया। इस पर केंद्र पर कुछ देर तनाव रहा। सील वाली मतपेटियों की गिनती पहले करने की मांग की गई है।
गिनती की शुरुआत से ही कई उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों ने पूरी प्रक्रिया पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महाविकास आघाडी के उम्मीदवार जयंत दिनकर आसगावकर ने भी कई मुद्दों पर आरोप लगाते हुए गिनती की प्रक्रिया पर ऐतराज़ जताया। दूसरे उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों ने भी इस प्रक्रिया पर नाराज़गी जताई है। अब सबकी नज़र इस पर है कि केंद्र पर आगे क्या होता है और उम्मीदवारों की आपत्तियां आखिर क्या हैं।
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