पुणे MLC चुनाव: 24 घंटे बाद भी गिनती जारी, शिक्षक सीट पर गावडे आगे, स्नातक में हर्षदा जाधव आगे
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए वोटों की गिनती अब भी चल रही है। इनमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दो और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की तीन सीटें हैं। गिनती मंगलवार, 27 तारीख की सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। 24 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन नतीजे अब तक नहीं आए हैं। मुकाबला महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच है, और पुणे स्नातक में कांटे की टक्कर चल रही है।
पुणे शिक्षक चुनाव में 30 उम्मीदवार थे, जिनमें से 26 बाहर हो चुके हैं। अभी भाजपा के कौस्तुभ गावडे, शिवसेना के समर्थन वाले सचिन सानप, रासप के दत्तात्रय सावंत और कांग्रेस के जयंत आसंगावकर के वोटों की गिनती जारी है।
शिक्षक सीट पर गावडे 17,948 वोट के साथ पहले नंबर पर हैं। सचिन सानप 11,658 वोट के साथ दूसरे और दत्तात्रय सावंत 10,574 वोट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। मौजूदा विधायक जयंत आसगावकर 8,620 वोट के साथ चौथे नंबर पर हैं।
जीत के लिए 25,756 वोट का कोटा तय हुआ है, और अभी तक कोई भी उम्मीदवार यह कोटा पूरा नहीं कर पाया है। 26 उम्मीदवार बाहर हो चुके हैं, इसलिए उनके दूसरी पसंद के वोटों का ट्रांसफर फैसला करने वाला साबित होगा। सबकी नजर अंतिम नतीजे पर है, और एलिमिनेशन राउंड के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
पुणे स्नातक सीट की गिनती भी अभी चल रही है। इससे पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख के समर्थक आगे चल रहे होने की वजह से ढोल बजाकर खुशी मना रहे हैं। पहले राउंड में हर्षदा देशमुख जाधव को 1 लाख 12 हजार 400 वोट मिले हैं, जबकि महायुति की उम्मीदवार स्मिता जाधव को 1 लाख 2 हजार वोट मिले हैं। स्नातक के लिए 1 लाख 13 हजार 113 का कोटा तय हुआ है, और हर्षदा जाधव को कोटा पूरा करने के लिए 716 वोट और चाहिए।
पुणे विभाग के पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर, इन पांच जिलों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए दो लाख 43 हजार 611 वोट पड़े थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 53 हजार 185 मतदाताओं ने वोट डाला। स्नातक में 47 और शिक्षक में 30 उम्मीदवार मैदान में थे।
बालेवाडी इलाके में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच गिनती शुरू हुई थी। दोपहर तीन बजे तक मतपत्र इकट्ठा करने का चरण चला। इसके बाद वैध और अवैध वोटों की छंटाई हुई। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में यह काम शाम साढ़े छह बजे पूरा हुआ। यहां 51,511 वोट वैध और 1,673 वोट अवैध निकले। इसी आधार पर जीत का कोटा 25,756 वोट तय किया गया। फिर पसंद के क्रम के हिसाब से वोटों के बंडल बनाने का काम शुरू हुआ।
गिनती का तरीका यह है कि अगर कोई उम्मीदवार तय कोटा पूरा कर ले, तो उसे विजयी घोषित कर दिया जाता है। अगर कोई कोटा पूरा न करे, तो सबसे कम वोट पाने वाला उम्मीदवार बाहर कर दिया जाता है और उसके मतपत्रों पर दूसरी पसंद के वोट संबंधित उम्मीदवारों के खाते में जुड़ जाते हैं। उसके बाद भी कोटा पूरा न हो, तो अगले सबसे कम वोट वाले उम्मीदवार को बाहर कर उसके मतपत्रों की अगली पसंद के वोट गिने जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक जरूरी कोटा पूरा नहीं हो जाता।
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