पुणे पदवीधर सीट पर चंद्रकांत पाटील को जीत का भरोसा, ट्रोल करने वालों को भी दिया जवाब
विधानपरिषद की 5 सीटों पर सुबह से वोटिंग जारी है। उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि पुणे में बीजेपी के दोनों उम्मीदवार बड़े अंतर से जीतेंगे।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राज्य में विधानपरिषद की 5 सीटों के चुनाव के लिए आज सुबह से वोटिंग शुरू हो गई है। पुणे और अमरावती में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इसके अलावा पुणे, अमरावती और नागपुर में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की तीन सीटों पर भी मतदान है। इसी बीच उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने जीत का भरोसा जताया है।
पुणे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव हर 6 साल में होता है। आज सुबह 8 बजे से यहां वोटिंग चालू हो गई। मीडिया से बात करते हुए पाटील ने बताया कि वे कोल्हापुर का जायज़ा लेकर पुणे आए हैं। यहां एक केंद्र पर जाकर उन्होंने मतदाताओं से मुलाकात की और मतदाताओं को गुलाब का फूल भी दिया।
पाटील के मुताबिक पुणे निर्वाचन क्षेत्र के पांच जिलों में सभी उम्मीदवारों ने जमकर प्रचार किया है। बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों की पढ़ाई-लिखाई की पृष्ठभूमि काफी मजबूत है। स्मिता जाधव जनजागरण का काम करने वाले परिवार से हैं। वे पीडी पाटील की बेटी हैं और डी.वाय. पाटील की नातिन हैं। कौस्तुभ गावडे की पृष्ठभूमि भी ऐसी ही है। वे 1240 संस्थाओं को चलाते हैं और खुद भी उच्च शिक्षित हैं। इसलिए पाटील का कहना है कि तस्वीर साफ है और दोनों उम्मीदवार बड़े फर्क से जीतेंगे।
इसी दौरान पाटील ने उन ट्रोल करने वालों को भी जवाब दिया, जो उनके बयानों का मज़ाक उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जैसा गोकुल का चुनाव हुआ, वैसा ही विधानसभा का भी हुआ था। लोकसभा के बाद लगा था कि 48 सीटें नहीं मिलीं, 17 ही मिलीं। लेकिन विधानसभा में 237 सीटें जीतकर दिखाईं, यह उदाहरण उन्होंने दिया। पाटील बोले कि इन चुनावों के बारे में कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता, क्योंकि लोकतंत्र अब परिपक्व हो चुका है।
गोकुल के वक्त ऐसा लगा कि लोग पाटील के स्टेटमेंट का मज़ाक उड़ा रहे हैं। मगर पाटील ने कहा कि राहुल गांधी भी तो कहते हैं कि सारी सीटें जीतेंगे। राहुल गांधी का उदाहरण देकर उन्होंने ट्रोल करने वालों को सुनाया। उन्होंने यह भी कहा कि एक मिल मज़दूर का बेटा राज्य की राजनीति में आ गया, यह बात कुछ लोगों को हजम नहीं होती। मैं किसी से डरता नहीं हूं, हम किसी का खाते हैं क्या, ऐसा भी पाटील ने कहा।
विरोधियों के बारे में पाटील का कहना है कि उनकी हार अब क्लियर हो गई है और हार के बाद क्या बोलना है, इसकी रिहर्सल शुरू हो चुकी है। क्या होगा, यह मतदाताओं पर छोड़ देना चाहिए। कभी जीत होती है, कभी हार, मगर इस बार ऐसा नहीं होगा, यह कहते हुए पाटील ने जीत का भरोसा जताया।
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