महाराष्ट्र में 1 नवंबर से मुफ्त अनाज बंद होने का मैसेज भ्रामक, सरकारी आदेश नहीं
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सोशल मीडिया पर फैले मैसेज से पीले और केसरी राशन कार्ड धारकों में चिंता है, पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मुफ्त अनाज रोकने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज घूम रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि महाराष्ट्र में पीले और केसरी राशन कार्ड धारकों को 1 नवंबर 2026 से मुफ्त अनाज मिलना बंद हो जाएगा। इस मैसेज से राशन कार्ड धारकों में थोड़ी चिंता फैल गई है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह दावा भ्रामक है, क्योंकि इन फायदों को रोकने का ऐलान करने वाला कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।
इस उलझन की वजह राशन कार्ड के रिकॉर्ड की चल रही जांच लगती है। इस जांच में जो एंट्री पात्र नहीं पाई जाएंगी, वे हटाई जा सकती हैं। मगर इसका मतलब यह नहीं कि पीला या केसरी कार्ड रखने वाले हर परिवार का अनाज का हक खत्म हो जाएगा।
बहुत से परिवार हर महीने के अनाज के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में जब कोई बिना सरकारी सूचना या सबूत के यह बात आगे बढ़ा देता है कि फायदा अचानक बंद हो रहा है, तो लोगों में अनिश्चितता पैदा होना स्वाभाविक है।
केंद्र की मिशन सुधार पहल के तहत यह जांच अभियान चल रहा है। इसका मकसद राशन कार्ड के रिकॉर्ड को साफ करना और ऐसी एंट्री पहचानना है जो अब फायदे के लायक नहीं रहीं। इनमें डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन, मृत व्यक्तियों से जुड़े कार्ड, कहीं और जा बसे लोगों के रिकॉर्ड और ऐसे कार्ड शामिल हैं जिनका लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है।
इस काम का लक्ष्य लाभार्थियों की सूची को ज्यादा सही बनाना है, ताकि खाद्य सुरक्षा की मदद पात्र लोगों तक पहुंचे। अगर कोई रिकॉर्ड अपात्र पाया गया तो उसे हटाया जा सकता है, लेकिन यह कार्रवाई पूरे राज्य के सभी पीले और केसरी कार्ड धारकों से फायदा वापस लेने से बिल्कुल अलग बात है।
जांच प्रक्रिया के बारे में उपलब्ध जानकारी बताती है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत रिकॉर्ड में हुए बदलावों का असर करीब 2.85 लाख लाभार्थियों पर पड़ा है। इस आंकड़े को इस बात का सबूत नहीं समझना चाहिए कि इन दोनों श्रेणियों के हर परिवार का मुफ्त अनाज बंद हो जाएगा।
राशन कार्ड धारकों को चाहिए कि अपना फायदा जारी रहेगा या नहीं, यह जानने के लिए सिर्फ फॉरवर्ड किए गए मैसेज पर भरोसा न करें। वे राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणाएं देखें, और अपनी पात्रता को लेकर कोई शक हो तो अपने स्थानीय राशन दफ्तर से सफाई मांगें।
कुल मिलाकर, उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसा कोई पक्का राज्यव्यापी फैसला सामने नहीं है कि 1 नवंबर से सभी पीले और केसरी राशन कार्ड धारकों का मुफ्त अनाज बंद कर दिया जाए।
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