पुणे पदवीधर मतगणना केंद्र पर मतपेटियों की सील को लेकर हंगामा, सपकाळ ने चुनाव प्रशासन को घेरा
पुणे पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना केंद्र पर कुछ मतपेटियों की सील को लेकर विवाद हुआ। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने चुनाव प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना केंद्र पर मंगलवार को मतपेटियों की सील को लेकर काफी हंगामा हुआ। दावा किया गया कि कुछ मतपेटियों की सील टूटी हुई थी। इस पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूरे राज्य में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की गहमागहमी चल रही है। सुबह से ही बड़ी हलचल दिख रही थी। इसी बीच मतगणना के दौरान पुणे से यह बड़ी खबर सामने आई।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई। लेकिन पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के केंद्र पर गिनती शुरू होने से पहले ही कुछ मतपेटियों की सील का मुद्दा उठ खड़ा हुआ।
जानकारी के मुताबिक महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने आठ मतपेटियों पर सील न होने का दावा करते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद चुनाव अधिकारियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के बीच बहस हो गई। बताया जा रहा है कि इस हंगामे की वजह से कुछ देर के लिए मतगणना की प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
इस मामले पर हर्षवर्धन सपकाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'X' पर पोस्ट करके गुस्सा जाहिर किया। सात से आठ मतपेटियों की सील टूटी मिलने का दावा करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की।
सपकाल ने कहा, "पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के गिनती केंद्र पर 7 से 8 मतपेटियों की सील टूटी हुई मिलना लोकतंत्र की सीधी-सीधी हत्या है। बिना सील वाली संदिग्ध पेटियों को अलग रखकर निष्पक्ष जांच करने के बजाय चुनाव अधिकारी जबरदस्ती और दादागिरी करते हुए गिनती को आगे धकेल रहे हैं। प्रतिनिधियों को लिखित शिकायत तक नहीं करने देना प्रशासन का बेहद गैर-जिम्मेदार और मनमाना रवैया है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह खुलेआम चल रहा गड़बड़झाला महाविकास आघाड़ी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। चुनाव आयोग की इस तानाशाही और संदिग्ध भूमिका के खिलाफ तीखा गुस्सा भड़क उठा है। जिन पेटियों की सील टूटी है, उनकी तुरंत अलग से जांच करके कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतंत्र को चाहने वाली जनता के रोष और भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।"
मतपेटियों की सील को लेकर लगाए गए आरोप गंभीर हैं, इसलिए उनकी आधिकारिक जांच और पड़ताल जरूरी है। अब सबकी नजर इस पर है कि चुनाव प्रशासन इस पर क्या सफाई देता है और शिकायत दर्ज करके कौन से कदम उठाता है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
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